Dehradun: लॉजिस्टिक ड्रोन से रसद व दवाएं पहुंचाएगी आईटीबीपी, अमित शाह ने किया देशभर की पांच योजनाओं का उद्घाटन
Amit Shah Dehradun Visit: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आईटीबीपी की परेड में शामिल होने के साथ ही देशभर की पांच योजनाओं का लोकार्पण किया।
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आईटीबीपी अब ऊंचाई वाले स्थानों पर लॉजिस्टिक ड्रोन से दवाएं और रसद पहुंचा सकेगी। इसके लिए 15 किलोग्राम तक वजन ले जाने वाले ड्रोन का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सीमाद्वार स्थित परेड स्थल से वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया। इसके साथ ही लद्दाख की जस्सर चौकी में सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग का उद्घाटन भी किया गया। बेहद कम तापमान वाले इस स्थान में आईटीबीपी के जवान आसानी से रह सकेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री ने इस दौरान ई-स्मारिका और फ्लिब बुक का विमोचन भी किया।
Dehradun: आईटीबीपी की रेजिंग डे परेड में पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह, हिमवीरों में भरा जोश
इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 17000 फीट पर बनी चौकी की यह सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग बेहद खास है। बिल्डिंग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से हिमवीरों को दीपावली की एक अनूठी भेंट है। जब यहां बाहर का तापमान शून्य से 40-45 डिग्री नीचे चला जाता है और पेट्रोल या डीजल का उपयोग नहीं हो पाता है, ऐसे में ये बिल्डिंग 18-19 डिग्री तापमान में जवानों को सुरक्षित रखेगी। उन्होंने कहा कि इस बिल्डिंग को महज दो महीनों में ही तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि आइटीबीपी में लॉजिस्टिक ड्रोन भी एक नई पहल है। दुर्गम क्षेत्रों और ऊंचाई पर स्थित बीओपी (बार्डर आब्जरवेशन पोस्ट) पर सब्जियों, दवाओं और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की कल्पना प्रधानमंत्री मोदी ने हम सबके सामने रखी थी।
लो मेडिकल कैटेगिरी वाले हिमवीरों को अब निचली पोस्ट पर तैनाती
अग्रिम चौकियों पर तैनात लो मेडिकल कैटेगिरी के हिमवीरों को ऊंचाई वाले स्थानों से हटाकार निचली चौकियों में तैनात किया जा रहा है। इसकी जानकारी देते हुए आईटीबीपी के महानिदेशक अनीश दयाल ने कहा कि बल का संरचनात्मक ढांचे में विस्तार किया जा रहा है। अब अग्रिम चौकियों पर हिम वीरांगनाओं की तैनाती भी की जा रही है। शुरुआती दौर में 500 हिम वीरांगनाओं को तैनात किया गया है।
दयाल ने कहा कि वर्ष 1962 में आइटीबीपी की सिर्फ चार वाहिनी थी। अब इनकी संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इसके अलग चार विशेष वाहिनी भी बल में मौजूद हैं। बीते वर्षों तक देश की सीमाओं पर 180 चौकियां थीं। इनकी संख्या भी बढ़कर अब 195 हो गई है। फिटनेस प्रोग्राम के बूते लो मेडिकल कैटेगिरी पांच प्रतिशत की भी कमी आ गई है। जवानों को शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रखने के लिए विभिन्न प्रोग्राम भी संचालित किए जा रहे हैं। पर्वतारोहण व अन्य साहसिक खेलों में भी बल के जवान देश-दुनिया में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। आपदा प्रबंधन कार्यों में भी हिमवीर हमेशा सबसे आगे रहते हैं।