Dehradun: दून की फिजा में घुल गई धूल...उखड़ रहीं लोगों की सांसें, आंखों में जलन से बढ़ी परेशानी
ठंड का मौसम शुरू होते ही दिल्ली एनसीआर में धुंध की समस्या खड़ी हो जाती है। देहरादून के कई इलाकों में भी ऐसी धुंध आम है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दून की फिजा में बढ़ती धूल अब सेहत के लिए खतरा बन गई है। यहां पर विकास व निर्माण कार्यों के कारण मिट्टी से धूल का गुबार उठ रहा है। यह वायुमंडल में धुंध पैदा कर रहा है। घंटाघर, आईएसबीटी और रायपुर क्षेत्र इसकी चपेट में सबसे अधिक हैं। वहीं, मालसी व दून यूनिवर्सिटी क्षेत्र में अभी भी धूल से राहत है।
ठंड का मौसम शुरू होते ही दिल्ली एनसीआर में धुंध की समस्या खड़ी हो जाती है। देहरादून के कई इलाकों में भी ऐसी धुंध आम है। दून की यह धुंध गाड़ियों और पराली के धुएं से निकली हुई नहीं, बल्कि मिट्टी की उड़ने वाली गर्द है। दरअसल, शहर में कई निर्माण कार्य वर्षों से अधूरे हैं। इसके कारण सड़कों पर कई जगह मिट्टी के ढेर लगे हैं। यह मिट्टी हवा के साथ वायुमंडल में उड़कर धुंध के रूप में छा जाती है। इससे वायु प्रदूषण होता है। धूल के कारण लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
गर्द से बढ़ा पीएम 2.5 और पीएम 10
पीएम का मतलब है पार्टिकुलेट मैटर, जो हवा के अंदर मौजूद सूक्ष्म कणों को मापते हैं। इसमें पीएम 2.5 और पीएम 10 हवा में मौजूद कणों के आकार को दर्शाते हैं। पीएम 2.5 का मतलब है कि धूल के कण 2.5 माइक्रोमीटर से छोटे हैं। वहीं, पीएम 10 का मतलब है कि हवा में मौजूद धूल के कण 10 माइक्रोमीटर से छोटे हैं। एक्यूआई में पीएम 2.5 और पीएम 10 बढ़ने का मतलब साफ है कि दून के वायुमंडल में धूल के छोटे और बड़े दोनों प्रकार के कण बढ़ गए हैं।
सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन
वायु में पीएम 2.5 और 10 का स्तर बढ़ने के बाद सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन आदि की समस्या शुरू हो जाती है। सबसे ज्यादा समस्या उन लोगों को आती है, जो सांस और अस्थमा के मरीज हैं। इसके साथ ही लगातार खराब वायु में सांस लेने से फेफड़ों के कैंसर की समस्या भी हो सकती है।
यह है राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानक
पीएम 10 100
पीएम 2.5 60
वर्तमान में दून की स्थिति
स्थान पीएम 10 पीएम 2.5
घंटा घर 168.44 81.19
आईएसबीटी 165.52 77.58
रायपुर 153.98 72.61
वर्ष 2022
स्थान पीएम 10 पीएम 2.5
घंटा घर 150.83 84.96
आईएसबीटी 51.17 88.12
रायपुर 142.41 82.81
वर्ष 2021
स्थान पीएम 10 पीएम 2.5
घंटा घर 153.61 89.75
आईएसबीटी 151.34 91.89
रायपुर 134.85 80.55
नोट-- यह सभी आंकड़े माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर में हैं।
देहरादून में पिछले कुछ समय में पीएम 10 और पीएम 2.5 बढ़ा हुआ दर्ज किया जा रहा है। यहां वायुमंडल में धूल के कण लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यह स्थिति स्थायी नहीं है, मौसम और परिस्थिति के अनुरूप यह घटते बढ़ते रहते हैं।
-राजकुमार चतुर्वेदी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड