बच्चों के गलत क्लिक से न बन जाए साइबर ठगी का शिकार, ठगों को आसानी से मिल रही जानकारी
साइबर एक्सपर्ट उपासना ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई करते हुए बच्चों से हो रहे गलत क्लिक से साइबर ठगों को आसानी से जानकारी मिल रही है।
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डिजिटल क्रांति और लॉकडाउन लागू होने के बाद से ऑनलाइन पढ़ाई व्यवस्था ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में चुनौतियों को बढ़ा दिया है। ऑनलाइन पढ़ाई करते हुए बच्चों से गलत लिंक में हो रहे क्लिक से साइबर ठगों को लोगों की जानकारी आसानी से मिल रही है, जिसके चलते साइबर ठगी के मामले दिन प्रति दिन बढ़ते जा रहे हैं।
साइबर एक्सपर्ट उपासना ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई करते हुए बच्चों से हो रहे गलत क्लिक से साइबर ठगों को आसानी से जानकारी मिल रही है। किसी भी साइबर ठगी से बचने के लिए बच्चों को पढ़ाई के लिए फोन देने से पहले अपने मोबाइल पर पेमेंट वाले व जरूरी ऐप्स को लॉक कर देना चाहिए या फिर ऐपलॉक जैसे सॉफ्टवेयर से उन्हें लॉक पर रखें।
उपासना ने बताया कि साइबर ठगी से बचने के लिए हमें जागरूक होना बहुत जरूरी है। कोविड वैक्सीन बनने के बाद कई अपराधी वैक्सीन पंजीकरण के नाम पर लोगों को फोन करके उनसे ओटीपी मांगकर ठगी का शिकार बना रहे हैं।
एक क्लिक से उड़ गए 30 हजार रुपये
राजपुर रोड निवासी सुधीर सक्सेना ने बताया कि बीते दिनों उनका आठ वर्षीय बेटा फोन से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहा था। मां घर के काम में व्यस्त थी। शाम को फोन पर 30 हजार रुपये कटने का मैसेज आया। बैंक जा कर पता किया तो पता चला कि ऑनलाइन शॉपिंग के एक लिंक में क्लिक होने से खाते से रुपये उड़ गए। फोन में पेमेंट और शॉपिंग के कई ऐप्स हैं।
लिंक पर क्लिक से हो गयी टूर की बुकिंग
डालनवाला निवासी अलका मिश्रा ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने एक वेबसाइट पर टूर बुकिंग के लिए पूछताछ की थी। इसके बाद वह लॉगआउट करना भूल गयी।
शाम को बेटी ने ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान आए हुए लिंक पर क्लिक कर दिया तो उनके खाते से 20 हजार रुपये कट गए। कई बार फोन करने के बाद भी कंपनी ने रुपये नहीं लौटाए।