Dehradun: अयोध्या के लिए रवाना होगी बाबा बौखनाग की डोली, सीएम धामी ने की पूजा अर्चना
बाबा बौखनाथ सिलक्यारा सहित क्षेत्र की तीन पट्टियों के ईष्ट देव हैं। यहां नागराज का मंदिर है। यहां बाबा बौखनाग की ही पूजा-अर्चना की जाती है। बौखनाग देवता को इलाके का रक्षक माना जाता है।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को परेड ग्राउंड में बाबा बौखनाग की डोली के अयोध्या धाम भ्रमण कार्यक्रम में शामिल हुए। बाबा बौखनाग की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की और डोली को स्वयं कंधा देकर रवाना किया।
सीएम ने बाबा बौखनाग डोली समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारी बाबा बौखनाग के प्रति गहरी आस्था है। बाबा की कृपा पूरे उत्तराखंड पर है। इसका उदाहरण सिलक्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों की सकुशल रिहाई है। जिनकी कृपा से यह असंभव कार्य संभव हो सका। बाबा का स्मरण करने से हमें रास्ता मिला और सभी लोग सकुशल रेस्क्यू किए गए। पूरे देश में इस घटना की चर्चा हुई और हमारे प्रयासों की तारीफ भी हुई, यह बाबा का आशीर्वाद रहा। सीएम ने कहा कि बाबा की कृपा से हमारा राज्य नीति आयोग की ओर से जारी सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में 10वें से पहले स्थान पर आया है।
चारधाम यात्रा में भी रिकार्ड संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। बाबा की कृपा से यमुनोत्री और गंगोत्री में भी श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में बढ़ी है। इस अवसर पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह रावत, पूर्व विधायक राजकुमार, मनवीर चौहान, विनोद डोभाल, दीपक बिजल्वाण, सत्येंद्र राणा, आलोक रावत, चंडी प्रसाद, यशवंत सिंह, गोपाल सिंह रावत आदि उपस्थित रहे।
बाबा का मंदिर जल्द बनकर तैयार होगा
सीएम ने कहा, श्रमिकों को सकुशल निकालने के बाद वहां पर बाबा बौखनाग के मंदिर निर्माण की घोषणा की थी। वह कार्य हो रहा है। शीघ्र ही मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। सीएम ने बड़कोट पंपिंग पेयजल योजना के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए बाबा बौखनाग मेले को राजकीय मेले के रूप में आयोजित किए जाने की बात कही।
#WATCH | Dehradun: Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami offered prayers to Baba Baukhnag in a program organized at Parade Ground. Today, the palanquin of Baba Baukhnag will depart for Ayodhya.
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 16, 2024
The rescue operation in Uttarkashi Silkyara Tunnel was successful only after the worship… pic.twitter.com/WuRw4K454l
बता दें कि बाबा बौखनाथ सिलक्यारा सहित क्षेत्र की तीन पट्टियों के ईष्ट देव हैं। यहां नागराज का मंदिर है। यहां बाबा बौखनाग की ही पूजा-अर्चना की जाती है। बौखनाग देवता को इलाके का रक्षक माना जाता है।
बीते साल उत्तरकाशी के सिलक्यारा में हुए टनल हादसे के बाद बचाव अभियान में लोग हर दिन लोग बाबा बौखनाग की पूजा अर्चना करते रहे। उनका मानना था कि बाबा बौखनाग की कृपा से ही रेस्क्यू ऑपरेशन सफल हुआ था।