जमीन लेकर शहीद भगत सिंह को भुला दिया
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23 मार्च यानी सरदार भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का शहीदी दिवस। हर साल की तरह आज भी जगह-जगह आयोजन होंगे। नेता भाषण देंगे। साथ ही शहीदों के लिए अपने स्तर पर कोई न कोई प्रयास करने का वादा करेंगे।
लेकिन, हमेशा की तरह ज्यादातर वादे टूट जाएंगे। एक ऐसा ही मामला है राजपुर रोड स्थित कंडोली क्षेत्र के चीड़ोवाली का। जहां एमडीडीए ने नगर निगम से शहीद भगत सिंह पार्क बनाने के नाम पर जमीन तो ले ली। लेकिन, पार्क बनाने के बाद वह उन्हीं को भूल गए। पार्क का नाम सीनियर सिटीजन पार्क रखा गया है।
करीब चार साल पहले नगर निगम ने एमडीडीए को कंडोली के चीड़ोवाली में पार्क बनाने के लिए आठ बीघा जमीन दी थी। महापौर विनोद चमोली ने यह जमीन इस शर्त पर दी थी कि पार्क का नाम शहीद भगत सिंह पार्क होगा। साथ ही रख-रखाव की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। एमडीडीए ने भी इसकी हामी भरी थी। लेकिन, पार्क बनाने के बाद उसका नाम सीनियर सिटीजन पार्क रख दिया गया। जिस पर महापौर ने नाराजगी भी जताई थी। वहीं, आठ जनवरी 2015 को नगर निगम की बोर्ड की बैठक में शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की प्रतिमा लगाने का भी प्रस्ताव पास हुआ था। वह भी ठंडे बस्ते में चला गया है।
केवल आश्वासन ही मिला समाधान नहीं
यूथ क्लब के अध्यक्ष शिवा वर्मा बताते हैं कि पार्क में शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की प्रतिमा लगाने को लेकर हम अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री हरीश रावत तक मिले। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि महापौर विनोद चमोली ने बोर्ड की बैठक में शहीदों की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव भी पास किया। फिर भी एमडीडीए ने कोई एक्शन नहीं लिया।
पूर्व सरकार में एमडीडीए के अधिकारी निरंकुश थे। पार्क के नाम को लेकर मैंने उन्हें कई बार कहा, लेकिन वह अनसुना कर रहे थे। पार्क का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर किया जाएगा।
- विनोद चमोली, महापौर
नगर निगम की ओर से शहीद भगत सिंह के नाम को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया। अगर दिया गया होता तो यही नाम रखते।
- एआर जोशी, उद्यान अधिकारी, एमडीडीए