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प्रदेश में सैनिक निदेशालय के तर्ज पर बनेगा अर्द्ध सैनिक निदेशालयः सीएम त्रिवेंद्र रावत

Tue, 05 Mar 2019 07:55 AM IST
रचना शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रचना शर्मा Updated Tue, 05 Mar 2019 07:55 AM IST
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Defense Minister Nirmala Sitharaman arrives dehradun for Honors program
देहरादून में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण

पुलवामा हमले के बाद वायुसेना की कार्रवाई से पूरे विश्व में संदेश गया है कि हम आतंकवाद को समाप्त करने के लिए दुश्मन की सीमा में घुसेंगे भी, मारेेंगे भी और सुरक्षित वापस भी आ जाएंगे।

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यह बात शौर्य सम्मान समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कहीं। उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य में अर्द्धसैनिक के लिए कल्याण निदेशालय भी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि मोदी सरकार ने कूटनीति के तहत पहले पाक के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर माहौल तैयार किया है।
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इसके बाद सैन्य कार्रवाई कर अपनी शक्ति का अहसास भी करा दिया। हम अपनी सेना की वीरता के कारण खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इच्छा शक्ति दिखाते हुए सेना को आतंकवाद से निपटने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी है।
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उत्तराखंड में देश के लिए शहादत देने की परंपरा है। शहीदों का बलिदान देश कभी नहीं भूल पाएगा। उन्हाेंने शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकाें को भरोसा दिया कि सरकार हर समय उनके साथ खड़ी है।

सम्मान समारोह में विधायक गणेश जोशी ने अर्द्धसैनिकों के लिए निदेशालय बनाने का प्रस्ताव रखा, तो सीएम ने मंच से प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए जल्द अर्द्धसैनिक कल्याण निदेशालय बनाने की घोषणा की।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि प्रदेश का हर सपूत देश पर मर मिटने को तैयार है। हर लड़ाई में यहां के रण बांकुरों ने अपना पराक्रम दिखाया है। यहां के कण-कण में देशभक्ति की भावना है। हमारे युवा देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने की भावना रखते हैं। पूर्ववर्ती सरकाराें ने सेना को कमजोर करने का काम किया।

मोदी सरकार ने तीनों सेनाआें को खुली छूट देकर आतंकियाें और उनके सरपरस्तों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने पायलट अभिनंदन की कुछ घंटों में पाक से वापसी को बड़ी जीत बताया। उन्हाेंने कहा कि निर्मला सीतारमण के रक्षामंत्री बनने के बाद सेना की ताकत और बढ़ी है।

कार्यक्रम संयोजक विधायक गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड वीरों की भूमि है। कारगिल युद्ध, संसद पर हमला और सीमा पर हर हमले में यहां के जवानों ने शहादत दी है। राज्य सरकार सैनिकों के लिए संवदेनशील है। शहीद सैनिकों के आश्रितों को योग्यता के अनुसार नौकरी का प्रावधान किया गया है। जिलों में सैनिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल बनाया गया है।

 

समारोह की अध्यक्षता कर रहे लेफ्टिनेंट जनरल ओपी रावत (सेवानिवृत्त) ने कहा कि निश्चित तौर पर मोदी सरकार ने सेना और पूर्व सैनिकाें के सम्मान को बढ़ाया है। 2014 में चुनाव से पहले किए वन रैंक-वन पेंशन और वॉर मेमोरियल के वादे को पूरा करके दिखाया है।

उन्हाेंने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण से सेना को अत्याधुनिक हथियारों के साथ उनकी सुविधाएं बढ़ाए जाने की मांग की है। भाजपा नेता आदित्य चौहान के संचालन में हुए समारोह में एनएआई के रिटायर्ड डीजी ओपीएस राणा, कैप्टन नंदन सिंह रावत, रमेश रावत, सुरेन्द्र बिष्ट, कलम सिंह, सुरेंद्र सिंह, सूबेदार प्रेम सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष विनय गोयल आदि मौजूद रहे। 

विधायक जोशी को बताया हनुमान
लेफ्टिनेंट जनरल ओपी रावत (सेवानिवृत्त) ने विधायक गणेश जोशी को हनुमान की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि विधायक हर समय जनता के हितों के लिए दौड़ते रहते है। रावत के इस बयान के बाद उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर इसका समर्थन किया। 
 

वीर नारी बोली, पैर छूकर दिया बड़ा सम्मान  
रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के पैर छूने को लेकर वीर नारियां बेहद खुश नजर आई। वीर नारी अनिता और शांति बोरा का कहना था कि इतने बड़े पद पर रहते हुए निर्मला सीतारमण ने पैर छूकर उनका बड़ा सम्मान किया है। पति की शहादत के बारे में पूछते हुए खुद रक्षामंत्री के आंसु छलक आए। वीर नारी अनिता ने बताया कि उनका पूरा परिवार देश की रक्षा को समर्पित है।  

गुम हो गई पुरानी घोषणा 
प्रदेश में भुवन चंद खंडूड़ी और हरीश रावत सरकार के दौरान अर्द्धसैनिक बलों के लिए अलग से निदेशालय बनाने की घोषणा हुई थी। हरीश रावत सरकार ने निदेशालय बनाने में अधिक खर्च को देखते हुए परिषद बनाई। जहां बीएसएफ से सेवानिवृत्त डीजी को इसका प्रभारी बनाया था। सरकार का कार्यकाल समाप्त होने के बाद गठित परिषद का काम भी समाप्त हो गया। 

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