नशा छुड़ाने के लिए बना दिया 'भेड़-बकरी'
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रुद्रपुर स्थित मंडी समिति बगवाड़ा में आढ़ती की दुकान में अवैध रूप से नशा मुक्ति केंद्र संचालित होता पाया गया।
इसमें करीब तीन दर्जन लोगों को भेड़ बकरियों की ठूंसा गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर सभी लोगों को मुक्त कराया। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडी निदेशक ने आढ़ती का लाइसेंस निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
मंडी समिति सूत्रों के अनुसार बगवाड़ा मंडी समिति में भगत सिंह चौक निवासी अशोक कुमार को दुकान नं. ए-14 फल एवं सब्जी व्यवसाय के लिए वर्ष 2002 में आवंटित की गई थी।
इस बीच बीते 18 जुलाई को दुकान में बोर्ड लगाकर ‘अपना सहारा’ नाम से नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का संचालन शुरू कर दिया गया। जिसका मुख्य केंद्र ग्राम भूरारानी में है।
एक दुकान में ठूंसे हुए थे तीन दर्जन लोग
इस केंद्र में क्षेत्र के आसपास के लोगों ने अपने लड़कों का नशा छुड़ाने के लिए भर्ती किया है। बीती देर शाम कुछ परिजन अपने बेटों से मिलने भूरारानी केंद्र पहुंचे।
लेकिन वहां उनके बेटे नहीं मिले और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिला। इस पर वहां लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। इस बीच किसी ने बताया कि केंद्र को मंडी समिति बगवाड़ा में संचालित किया जा रहा है।
इस पर सभी परिजन मंडी समिति पहुंच गए। वहां पर एक दुकान में करीब तीन दर्जन लोगों को भेड़ बकरियों की तरह ठूंसा गया था। इस पर परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
सूचना पर हल्का प्रभारी संजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और उन्होंने वहां मौजूद लोगों को मुक्त करा दिया।
इधर, मामला संज्ञान में आने पर मंडी के प्रबंध निदेशक डीएस गर्ब्याल ने मंडी सचिव से मामले की जानकारी लेकर लाइसेंस को निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
मंडी सचिव को नहीं जानकारी
मंडी समिति बगवाड़ा में अवैध रूप से 18 जुलाई से नशा मुक्ति केंद्र का संचालन किया जा रहा था। लेकिन मंडी सचिव को इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
बुधवार को जब उन्होंने इसकी कर्मचारियों से लेनी चाहती तो वह भी गुमराह करते रहे। बाद में उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर मामले की जानकारी ली।
पुलिस को नहीं पता कहां हैं मुक्त कराए लोग
नशा मुक्ति केंद्र पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वहां मौजूद लोगों को मुक्त कराया। लेकिन जब हल्का प्रभारी से मामले की जानकारी लेनी चाही तो मामले को दबाने का प्रयास करने लगे।
उन्होंने जानकारी लेने के लिए कोतवाली बुलाया, लेकिन वह वहां भी नहीं मिले। पुलिस अधिकारियों से जब मामला जानना चाहा तो बताया गया एसडीएम स्तर का मामला है।
जांच डीडीए को सौंपी
जब प्रभारी एसडीएम से जानकारी चाही गई तो उन्होंने गेंद पुलिस के पाले में फेंक दी। हल्का प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि मुक्त कराए गए लोग कहां हैं, ये पुलिस को पता नहीं है।
मंडी समिति में फल, सब्जी का व्यवसाय करने के लिए आवंटित दुकान में नशा मुक्ति केंद्र संचालित होने का मामला संज्ञान में आने पर प्रबंध निदेशक ने मामले की जांच डीडीए को सौंप दी है।
एमडी डीएस गर्ब्याल ने बताया कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।