सीएम को काला झंडा दिखाने निकले भविष्य के 'नेता'
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राजधानी दून में डीएवी इंटर कॉलेज के स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे सीएम हरीश रावत को काले झंडे दिखाने का अरमान पुलिस की सतर्कता के चलते धरा रह गया।
सांध्यकालीन कक्षाओं में प्रवेश की मांग पर आंदोलन कर रहे डीएवी के छात्र संघ अध्यक्ष पारस गोयल सहित कई छात्र काले झंडे दिखाने पहुंचे। पुलिस ने उन्हें कॉलेज से करीब 200 मीटर पहले ही रोक लिया।
मंगलवार को डीएवी इंटर कॉलेज में स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि सीएम हरीश रावत पहुंचे। जैसे ही सीएम के आने की सूचना डीएवी के छात्र संघ अध्यक्ष पारस गोयल को मिली तो वह अपने साथियों के साथ सीएम को काले झंडे दिखाने के लिए आ गए।
पुलिस को भी पारस के कार्यक्रम की जानकारी वक्त रहते मिल गई। इसलिए पुलिस ने पारस को कॉलेज से करीब 200 मीटर पहले ही रोक लिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों के हाथ से काले झंडे छीन लिए। इस दौरान पुलिस से हल्की छीना झपटी भी।
प्रबंधन ने साधी चुप्पी
गुस्साए छात्रों ने अपनी कॉलेज रंग की जैकेट निकालकर भी विरोध स्वरूप हवा में लहराई। कोशिश करने के बावजूद छात्रों को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। सीएम का काफिला कॉलेज से निकलने के बाद छात्रों को पुलिस ने छोड़ा। पारस अपने साथियों के साथ हल्की नारेबाजी करने के बाद वापस लौट गया।
सात दिन पहले प्राचार्य को पत्र भेजकर सांध्यकालीन कक्षाओं को अवैध करार देने वाले प्रबंधन ने भले ही सीएम हरीश रावत से फोन पर बातचीत के दौरान बैठक का आश्वासन दिया हो लेकिन अब मसले पर चुप्पी साध ली है। लगातार छात्र नेता प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
सीएम से वार्ता के दौरान यह तय हुआ था कि सांध्य कक्षाओं के लिए शिक्षक भर्ती का रास्ता सरकार के साथ बैठकर निकाला जाएगा। लेकिन तब से लेकर अब तक प्रबंधन का उदासीन रवैया सवाल खड़े कर रहा है। अफवाहों का बाजार गर्म है कि ऐसे हालात में जल्द ही विवि सांध्य कक्षाओं के इस सत्र को शून्य घोषित कर सकता है।