फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   daughter and son in law took dead oldman pension.

नौ साल तक मृतक की पेंशन लेते रहे बेटी-दामाद

Fri, 09 Oct 2015 08:08 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो / अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Fri, 09 Oct 2015 08:08 AM IST
विज्ञापन
daughter and son in law took dead oldman pension.

पिथौरागढ़ के बेड़ीनाग में एक दामाद पत्नी की बड़ी बहन के साथ मिलकर नौ साल तक मृतक ससुर की पेंशन लेता रहा।

विज्ञापन


दामाद बैंक में हर साल मृतक का जीवित प्रमाणपत्र लगाता रहा। मृतक के फर्जी हस्ताक्षरों से चेक के जरिए दामाद और मृतक की बड़ी बेटी के खातों में पेंशन की रकम ट्रांसफर होती रही।

बैंक की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सरकार को करीब 40 लाख रुपए की चपत लगाने वाले इस कारनामे की आंच बैंक कर्मियों के साथ ही कई और पर भी आ सकती है।
विज्ञापन


बेड़ीनाग एसबीआई शाखा के प्रबंधक सत्येंद्र सिन्हा ने 7 अक्तूबर को बेड़ीनाग थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि थल तहसील के बलगड़ी निवासी खाताधारक मोहन सिंह धामी पुत्र स्व. दौलत सिंह धामी पेंशन प्राप्त करते थे। मोहन सिंह धामी आनरेरी कैप्टन पद से रिटायर्ड हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ समय पहले एक पेंशनर के माध्यम से मालूम हुआ कि मोहन सिंह धामी की मृत्यु तो कई साल पहले हो चुकी है। पेंशनर के खाते की छानबीन करने पर मालूम हुआ कि पेंशन खाते में वर्षवार मोहन सिंह धामी का जीवित प्रमाण पत्र जमा हो रहा है।

बेटी दामाद ने खुद स्वीकारा फर्जीवाड़ा

daughter and son in law took dead oldman pension.

खाते से चेक द्वारा रकम दामाद गोविंद भौरियाल पुत्र स्व. राम सिंह के खाता संख्या 11560312919 और बेटी कमला रौतेला पत्नी स्व. हरीश सिंह रौतेला के खाता संख्या 11560321424 में जमा हो रही है।

इस पर आठ अगस्त 2015 को बैंक के क्षेत्राधिकारी बलवंत सिंह, सहायक अनिल मेहरा के साथ पेंशनर के गांव बलगड़ी गए। ग्रामीणों से जानकारी लेने पर मोहन सिंह धामी की कई साल पहले मृत्यु होने की बात की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम पेंशनर के घर पहुंची। कमला रौतेला पत्नी से बात हुई तो उन्होंने पिता की मृत्यु कुछ साल पहले होने की बात स्वीकार की।

पेंशनर धामी के चचेरे भाई लछम सिंह धामी ने उनकी मृत्यु जून-2007 में होने की बात बताई। लछम सिंह ने यह भी बताया कि मोहन सिंह की मृत्यु के बाद उनके दामाद गोविंद सिंह भौरियाल ने पेंशनर का मृत्यु प्रमाण पत्र बैंक में जमा करने की बात कही थी, जबकि आज तक बैंक में मृत्यु प्रमाण पत्र जमा नहीं किया गया है।

एफआईआर में कहा गया है कि गोविंद भौरियाल और कमला रौतेला संयुक्त रूप से जालसाजी कर बैंक में फर्जी जीवित प्रमाण पत्र जमा करते रहे। दोनों ने चेक पर मृतक के फर्जी हस्ताक्षर भी किए।

थानाध्यक्ष शिव सिंह नयाल ने बताया गोविंद और कमला निवासी बलगड़ी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420/467/468/471 में मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बैंक जीवित प्रमाण पत्र लेते और चेक का भुगतान करते समय गहन पड़ताल करता है। कहा इतनी बड़ी चूक बगैर किसी बैंककर्मी के मिलीभगत के होना संभव नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed