गंगा का जल स्तर बढ़ने से हरिद्वार में आई बाढ़
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गुरुवार की रात हुई जोरदार बारिश से हरिद्वार में गंगा नदी ने खतरे को निशान को पार कर लिया है। नदी का जल स्तर 294.85 मीटर पर पहुंच चुका है।
खतरे का निशान 294 मीटर पर है। शुक्रवार की सुबह भी हरिद्वार में तेज बारिश जारी रही। हरिद्वार के लक्सर में दो गांवों में बाढ़ आ गई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से दोनों गांव पानी में डूब गए हैं।
वहीं ऋषिकेश में गुरुवार की सुबह से रुक रुककर बारिश होने से तापमान में गिरावट रही, जिससे लोगों को उमसभरी गर्मी से निजात मिली।
देर शाम भी मौसम का मिजाज खुशनुमा बना रहा। गुरुवार सुबह जब लोगों की नींद खुली तो सुहावने मौसम ने स्वागत किया। आसमान में छाए बादल सुबह से शाम तक बरसते रहे।
दोपहर में कुछ देर के लिए सूरज के दर्शन हुए, लेकिन फिर काली घटा छाने से मौसम सुहावना हो गया। रुक रुककर हो रही बारिश से तापमान लुढ़क गया और मौसम कूल कूल हो गया।a
तटीय इलाकों में बसे लोग दहशत में
गुरुवार को सुबह से हो रही बारिश से ऋषिकेश और हरिद्वार के तटीय इलाकों में बसे लोगों की नींद उड़ गई है। गंगा और सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिससे तटीय इलाके में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा मंडराने लगा है।
प्रशासन संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी होने का दावा कर रहा है।
गंगा चेतावनी रेखा से 61 सेमी नीचे
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक पहाड़ो में हो रही बारिश से गंगा का पानी खतरे के निशान को छूकर बह रहा है। ऋषिकेश में गुरुवार की सुबह छह बजे 338.91 और शाम आठ बजे 338.89 रहा, जो खतरे के निशान से 61 सेमी नीचे था।