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कर्ज लेकर की बेटी की शादी, चुकाने में आड़े आया सिस्टम

Sun, 13 Mar 2016 05:05 PM IST
विनोद मुसान/अमर उजाला, देहरादून
विनोद मुसान/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 13 Mar 2016 05:05 PM IST
सार

किसान प्रेम सिंह रावत जैसी कई किसानों की कहानी
पहले नहर ने रुलाया अब कर्जे चुकाने के दिक्कत 
दो साल से निर्माणाधीन पुलिया नहीं बन पाई अब तकर

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crop become old before the young.
किसान - फोटो : amar ujala

विस्तार

कर्ज लेकर एक माह पहले बेटी की शादी की थी। यह सोचकर कि फसल तैयार होगी तो कर्ज चुका देंगे। लेकिन सिस्टम आड़े आ गया। टूटी पुलिया के कारण खेत तक पानी नहीं पहुंचा और फसल तैयार होने से पहले बर्बाद हो गई। दो साल से निर्माणाधीन पुलिया अब भी नहीं बन पाई। विकास की कीमत आखिर किसान को चुकानी पड़ेगी।
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यह दास्तान है, भट्टनगरी, रानीपोखरी निवासी किसान प्रेम सिंह रावत की। ग्राम डांडी में 30 बीघा भूमि पर गेहूं बोया था। जो पानी नहीं मिलने के कारण खराब हो गया है। 
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दरअसल, करीब दो साल से दून-ऋषिकेश हाईवे पर भानियावाला-बड़कोट के बीच सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। जिससे डांडी के पास सड़क के बीचोंबीच पुलिया का निर्माण किया जाना है। 
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जवान होने से पहले बूढ़ी हो गई फसल:
तभी प्रेम सिंह सहित सैकड़ों किसानों के खेत तक पानी पहुंच पाएगा। प्रेम सिंह ने एक महीने पहले बेटी की शादी की। उसके लिए लोगों से यह सोचकर कर्ज लिया था कि फसल पकने पर कर्ज लौटा देंगे, लेकिन उनकी यह मंशा अब पूरी नहीं हो पाएगी। 

फसल उगी तो लेकिन जवान होने से पहले बूढ़ी हो गई। बिना पानी के गेहूं उठ ही नहीं पाया और उसमें बाली आ गई, जो दाना नहीं होने की वजह से खाली है। 

ऐसे में प्रेम सिंह सहित सैकड़ों किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने शासन प्रशासन से शीघ्र पुलिया का निर्माण कराने और फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।

पुलिया टूटी, ट्यूबवेल भी दे गया दगा

crop become old before the young.
नहर - फोटो : amar ujala
नहर का पानी पुलिया टूटने के कारण खेत तक नहीं पहुंच पा रहा। ऐसे में ट्यूबवेल ही एक मात्र सहारा था, लेकिन चेंबर खराब होने से इसका लाभ भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है। ग्राम प्रधान महेंद्र भट्ट का कहना है कि वे कई बार इस बारे में विभागीय अधिकारियों को लिखित में अवगत करा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।

क्या कहते हैं निर्माण एजेंसी के अफसर:
शिकायत जायज है। दरअसल, नहर को रोड क्रॉस कराने के लिए निर्माणाधीन पुलिया के साथ ह्यूम पाइप डाले जाने थे। अभी तक ह्यूम पाइप मिल नहीं पा रहे थे, जिससे नहर का कार्य बाधित था। मगर अब पाइप मिल चुके हैं, इन्हें डाला जा रहा है। इसके बाद किसानों को कोई समस्या नहीं आएगी।
- पीसी जोशी, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग अस्थायी खंड ऋषिकेश

मामला संज्ञान में नहीं है। किसानों की सिंचाई संबंधी समस्या के बारे में सोमवार को पीडब्लूडी के संबंधित योजना के अधिकारियों से बात की जाएगी और उनसे सिंचाई नहर में आपूर्ति बहाल किए जाने में आ रही दिक्कतों की जानकारी ली जाएगी। कोशिश होगी कि जल्द से जल्द सिंचाई नहरों में जलापूर्ति सुचारु की जाए, जिससे किसानों की समस्या का समाधान हो सके।
- विनीत तोमर, उपजिलाधिकारी, ऋषिकेश
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