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कैमरे में कैद हुई रामदेव के सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई 'हत्या'

Thu, 28 May 2015 04:18 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार Updated Thu, 28 May 2015 04:18 PM IST
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ramdev patanjali food park fight capture in cctv camera.

पतंजलि हर्बल फूड पार्क में लगे सीसीटीवी कैमरों ने पार्क में हुई खूनी संघर्ष का कड़वा सच उगल दिया। पार्क के सुरक्षाकर्मियों ने डंडों से पीट-पीट कर यूनियन पदाधिकारी की हत्या की है। आसपास की दुकानों एवं कार्यालयों में भी उन्होंने ही तांडव मचाया।

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बुधवार दोपहर बाद पुलिस ने पार्क के मुख्य द्वार पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली। आईजी रेंज संजय गुंज्याल ने बताया कि पहले यूनियन के नेताओं ने अंदर प्रवेश कर रहे एक ट्रक को रोकने का प्रयास किया था। फिर अंदर से आए सुरक्षाकर्मियों ने लाठी-डंडों से यूनियन पदाधिकारियों पर हमला बोला था।
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मारे गए दलजीत के सिर एवं शरीर पर डंडों के निशान पाए गए हैं। ठीक सामने की दुकान, उप प्रधान के कार्यालय एवं यूनियन के कार्यालय में भी सुरक्षाकर्मियों ने कहर बरपाया। दूसरे घायल हामिद को गोली नहीं लगी है, उसे भी डंडों से पीटा गया है।
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डॉक्टरों से इसकी रिपोर्ट ली जा रही है। आईजी ने गोली लगने की बात को खारिज करते हुए बताया कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पूरे मामले में अहम रोल अदा करेगी।

पहले यूनियन ने की मारपीट

ramdev patanjali food park fight capture in cctv camera.

डीएचआर लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्ट, शिवालिक नगर के संचालक सुधीर जोशी ने आरोप लगाया कि शुरुआत यूनियन के नेताओं ने की थी। वह हथियारों से लैस थे। उन्होंने उन्हें एवं ट्रांसपोर्टर बॉबी जैन और नरेंद्र चहल पर हमला किया। वह जैसे-तैसे कार से निकलकर अंदर भाग गए तब कहीं जाकर उनकी जान बच पाई।

घायलों का जिला अस्पताल में इलाज

पदार्था में हुई हिंसक झड़प में सात लोगों को पतंजलि योगपीठ की एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। घायलों में सुरक्षाकर्मी अरुण (पुत्र रणजीत सिंह निवासी पंचकूला), भजनलाल (पुत्र धन सिंह निवासी अलवर, राजस्थान), राजेंद्र (पुत्र सूबे सिंह पतंजलि), रविंद्र (पुत्र बलराम सिंह झज्जर हरियाणा), अभिनव एवं अरविंद ने इलाज कराया।

इनके सिर, हाथ एवं पैर में चोटें लगी थी। इसके अलावा पार्क के बाहर चाय पीने पहुंचे अब्दुल हमीद (पुत्र कल्लूहसन निवासी पदार्था) के पैर में चोटें लगी हैं। सभी को इलाज के बाद गंतव्य के लिए भेज दिया है।

घायलों से नगर कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह नेगी, एसएसआई विद्याभूषण नेगी, एएसआई पूर्णानंद शर्मा ने पूछताछ की। जिला अस्पताल में सीओ सिटी चंद्रमोहन सिंह सहित कोतवाली पुलिस तैनात रही।

रामभरत समेत 35 के खिलाफ मुकदमा

ramdev patanjali food park fight capture in cctv camera.

दोपहर बाद यूनियन अध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान ने रामभरत, पार्क के परिवहन विभाग के कर्ताधर्ता अनिल गोस्वामी एवं योगेश कुमार, निजी सुरक्षाकर्मियों समेत 35 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, मारपीट, गाली-गलौच, हत्या की धमकी समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि रामभरत समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई है। अन्य को चिह्नित किया जा रहा है। उनको जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कनखल में रामभरत के समर्थन में भीड़ उमड़ने के चलते उसे रानीपुर कोतवाली शिफ्ट कर दिया गया है।

रामदेव की भी भूमिका संदिग्ध: उपाध्याय
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने शाम को पदार्था पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। आरोप लगाया कि पूरे मामले में बाबा रामदेव की भूमिका भी संदिग्ध है।
फैक्ट्री में हथियार एवं डंडे क्यों रखे गए थे। पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि कोई सुरक्षाकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग सरकार से की जाएगी। उनके साथ पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, संजय पालीवाल, अंशुल श्रीकुंज आदि कांग्रेसी शामिल रहे। सभी देर शाम गांव ऐथल पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।

हर्बल फूड पार्क के कार्यों में कुछ तत्व व्यवधान डालने का प्रयास करते आए हैं। स्थानीय ट्रांसपोर्टरों से कई बार कहा गया कि वह उसी दर पर माल उठाएं, जिस दर पर बाहरी गाड़ियां उठाती हैं। लेकिन कोई तैयार नहीं है। इस घटनाक्रम में हमारा कोई दोष नहीं है। सुरक्षाकर्मियों ने तब कार्रवाई की जब दूसरी ओर से पथराव किया गया और भीतर घुसकर तोड़फोड़ की गई। जबरन दोषारोपण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कई बार मिल-बैठकर वार्ता का प्रयास किया गया। आगे भी इसके प्रयास किए जाएंगे।
- आचार्य बालकृष्ण, महामंत्री, पतंजलि योगपीठ

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