फर्जी IAS कांडः रूबी चौधरी के बारे में नया खुलासा
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लालबहादुर प्रशासनिक अकादमी मसूरी के फर्जी आईएएस रूबी चौधरी प्रकरण में बुधवार को एसआईटी पड़ताल के लिए नैनीताल पहुंची, जहां कई अहम खुलासे हुए।
टीम ने एटीआई में आवश्यक दस्तावेज खंगालने के साथ ही अधिकारियों से गहन पूछताछ की। बाद में टीम पुलिस लाइन स्थित गंगा गेस्ट हाउस पहुंची और वहां भी जांच की। होटल मानसरोवर और सरस्वती गेस्ट हाउस में भी पड़ताल कर रिकार्ड जुटाए।
जांच के दौरान मानसरोवर होटल में रूबी के जनवरी-2013 के आखिरी सप्ताह में एक हफ्ते तक और सरस्वती गेस्ट हाउस में करीब सवा माह रहने की पुष्टि हुई है। बताया जाता है कि वह नैनीताल में भी अपने आपको एसडीएम बताती थी औरयहां कथित तौर पर एटीआई में ट्रेनिंग के लिए आई थी।
मसूरी स्थित एलबीएस राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के हाईप्रोफाइल प्रकरण के संबंध में दोपहर करीब 12 बजे एसआईटी प्रभारी एवं एएसपी शाहजहां जावेद खान अंसारी के नेतृत्व में टीम एटीआई (प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान) पहुंची। यहां टीम ने उप निदेशक रुचि मोहन रयाल, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पूर्णिमा वर्मा, व्यवस्था अधिकारी महेश बिष्ट, पीटीआई पुष्कर सिंह रावत, मेस के गोपाल बिष्ट, महेश सनवाल से पूछताछ की।
परिजनों ने कहा, हर दोषी को सजा मिले
दोपहर करीब 1:15 बजे टीम पुलिस लाइन स्थित गंगा गेस्ट हाउस पहुंची और वहां भी जांच की गई। शाम करीब 3:40 बजे टीम रूबी को लेकर तल्लीताल दर्शनघर के पास स्थित मानसरोवर होटल पहुंची और होटल प्रबंधक रमेश कुमार टम्टा के बयान लिए। इस होटल में 25 जनवरी से 31 जनवरी 2013 तक कमरा नंबर 17 में रूबी के रहने की पुष्टि भी हुई है।
इस दौरान रूबी चौधरी को भारी सुरक्षा के साथ मल्लीताल कोतवाली परिसर में रखा गया था। इसके बाद टीम मल्लीताल मोहन को चौराहे के पास स्थित सरस्वती गेस्ट हाउस पहुंची। यहां रूबी के दीपक के साथ पीजी के रूप में एक महीना छह दिन रुकने की पुष्टि हुई है।
सरस्वती गेस्ट हाउस के संचालक गिरिश कांडपाल ने बताया कि रूबी यहां ठहरने के दौरान अपने आपको एडीएम बताती थी। पूछने पर रूबी ने बताया था कि वह यहां एटीआई में ट्रेनिंग के लिए आई है। एटीआई के कमरे में सीलन होने की वजह से वह वहां नहीं रुकी। टीम ने यहां से भी रिकॉर्ड कब्जे में लिए।
देर शाम टीम वापस मसूरी रवाना हो गई। टीम में एएसपी समेत कैलाश जोशी, सीओ स्वतंत्र कुमार, निरीक्षक महेश जोशी के साथ ही ही 8-10 सदस्य शामिल थे।
सुबूत जुटा रहे हैं, जल्द होगी कार्रवाई : अंसारी
एसआईटी प्रभारी एएसपी एस अंसारी ने कहा कि रूबी को पीसीआर के तहत रिमांड पर लिया गया है। उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देशों के क्रम में टीम की ओर से पड़ताल कर दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। सुबूतों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
एसआईटी और रूबी के साथ एक अन्य वाहन में पहुंचे रूबी के स्यामली ऊदपुर निवासी मौसा वेदपाल और मामा अजय ने बताया कि वह चाहते हैं कि मामले की सीबीआई जांच हो।
यदि रूबी दोषी हो तो उसे सजा मिले, लेकिन मामले में ऊंची पहुंच वाले लोगों की संलिप्तता की पुष्टि होने पर उन्हें भी सजा मिलनी चाहिए। कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वह जांच के हर पहलू पर नजर रखे हुए हैं। इसी क्रम में वह नैनीताल भी आए हैं।
आई कार्ड नहीं चेस्ट बैच देता है एटीआई
एटीआई में हुई पूछताछ के बारे में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पूर्णिमा वर्मा ने बताया कि विभिन्न अधिकारियों दिए जाने वाले प्रशिक्षण के दौरान एटीआई प्रशिक्षणार्थियों को कोई आईकार्ड इश्यू नहीं करता। इस दौरान उन्हें चेस्ट बैच दिया जाता है।
इसमें कोर्स का नाम, नंबर, अवधि और लोगो के साथ प्रशिक्षणार्थी का नाम होता है। फोटो और पदनाम का उल्लेख इसमें नहीं होता है, क्योंकि उनके लिए उस दौरान अधिकारी केवल प्रशिक्षु होता है।
प्रशासनिक अधिकारी पूर्णिमा ने बताया कि रूबी के पहचान पत्र में यूपीएससी नैनीताल लिखा है, जबकि यहां ऐसा कोई संस्थान नहीं है। उन्होंने बताया कि टीम ने एक जनवरी से 31 मार्च 2014 तक चले कोर्स की जानकारी भी प्राप्त की।
इस दौरान टीम ने रूबी की फोटो के आधार पर कई अधिकारियों और कर्मियों से बातचीत की, लेकिन कोई भी रूबी को नहीं पहचान सका। अलबत्ता कोर्स के दौरान रहने वाले सभी लोगों को पहचानना खासा आसान है।
उन्होंने बताया कि एसआईटी ने जांच के दौरान बैच खरीदे जाने वाले संस्थान के संबंध में भी यहां के अधिकारियों से पूछताछ की। बताया जाता है कि टीम ने नगर के कुछ साइबर और आई कार्ड बनाने वाली प्रेस में भी पड़ताल की।
साथ आए वकील के प्रतिनिधि बाहर ही रहे, गुस्सा
पुलिस लाइन में एसआईटी सदस्यों और रूबी चौधरी के गंगा गेस्ट हाउस में जाने और दोपहर बाद करीब 3:40 बजे बाहर निकलने तक टीम के साथ आए वकील के प्रतिनिधि अरुण खन्ना बाहर ही खड़े रहे। उनका कहना था कि न्यायालय के आदेशों के क्रम में टीम को उन्हें हर जांच और पूछताछ के दौरान समीप ही रखना था।
हालांकि वह संबंधित आर्डर नहीं दिखा सके, लेकिन टीम और पुलिस के खिलाफ उनके रोष से मीडिया उन तक पहुंची। जिस पर उन्होंने आशंका व्यक्त की कि पुलिस उन्हें दूर रखकर जांच को घुमा सकती है।
इस मामले में रसूखदार लोगों की संलिप्तता के चलते मामला खासा संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव रतूड़ी आरोपी रूबी की ओर से केस देख रहे हैं। इसी क्रम में उन्हें टीम के साथ भेजा गया है।