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आर्मी से था प्यार, 'आई लव आर्मी, पापा सॉरी' लिख दे दी जान

Sun, 01 May 2016 10:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पाटी (चंपावत)
ब्यूरो/अमर उजाला, पाटी (चंपावत) Updated Sun, 01 May 2016 10:44 PM IST
सार

  • सुसाइड नोट में चंदन लिखी अपनी दास्तां
  • छोटे भाई से फौजी बनने की गुजारिश की 

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failed to join army, committed suicide.
सुसाइड नोट - फोटो : AmarUjala

विस्तार

चंदन को सेना की वर्दी से इतना प्यार था कि जब वह आर्मी न ज्वाइन कर पाया तो उसने जान दे दी। सुसाइड नोट में उसने लिखा आई लव आर्मी। पापा सॉरी, मैं जीना चाहता था। मैं आर्मी से बहुत प्यार करता हूं। मेरी किस्मत में न जाने क्या-क्या दुख लिखें हैं। इसीलिए मैंने अपनी जान दे दी। आर्मी के चक्कर में कई बार घर से भागा हूं। आज तो जान ही ले ली आर्मी ने। ये खत पीपलढींग गांव (हाल निवासी बिंदुखत्ता) के चंदन सिंह पुत्र दान सिंह ने जहर खाने से पहले लिखा था।

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चंदन सिंह (20) पुत्र दान सिंह 25 अप्रैल से घर से गायब था। 27 अप्रैल को परिजनों ने लालकुआं थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चंदन का शव कूमायाकूड़ा गधेरे से 400 मीटर नीचे पड़ा मिला था। शव से दुर्गंध आने लगी थी।
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पुलिस की सूचना के बाद चंदन के परिजन शनिवार रात को पहुंचे। जहां डॉ. जितेंद्र जोशी ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा। पोस्टमार्टम में जहर खाने से मौत की पुष्टि हुई है।

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भाई को लिखा, प्लीज पूरा करना मेरा सपना

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मौत

खुदकुशी से पहले चंदन ने दो खत लिखे, एक अपने पापा को और दूसरे खत में अपने छोटे भाई राकेश से फौज में भर्ती होकर उसकी इच्छा पूरी करने की गुजारिश की है। चंदन ने सुसाइड नोट में लिखा कि एक ही ख्वाहिश है कि आर्मी वाला बनना, लेकिन मैं आर्मी मैन नहीं बन पाया। अब मेरी ख्वाहिश को तू पूरी करना राकेश।

थानाध्यक्ष प्रभात कुमार ने बताया कि शव कूमायाकूड़ा गधेरे से 400 मीटर नीचे पड़ा था। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट और जहर की शीशी मिली है।

परिजनों ने बताया कि चंदन ने कई बार फौज की परीक्षा में हिस्सा लिया, लेकिन उसका चयन नहीं हो पाया। इस वजह से वह परेशान रह रहा था। 

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