डिप्टी जेलर की करतूतों ने पहुंचा दिया सलाखों के पीछे
रुड़की जेल गेट पर गैंगवार के मामले में फरार चल रहे डिप्टी जेलर राकेश वर्मा ने आखिरकार गिरफ्तारी से बचने के लिए रुड़की की कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
कोर्ट ने आरोपी डिप्टी जेलर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गिरफ्तारी का फंदा कसने पर उसे सरेंडर करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जबकि बंदी रक्षक आनंद प्रकाश अब भी फरार है।
पांच अगस्त 2014 की शाम रुड़की उपकारागार के सामने गैंगवार की घटना से पूरा प्रदेश हिल उठा था। गैंगवार में चीनू पंडित के तीन साथियों को सुनील राठी के गुर्गों ने मौत के घाट उतार दिया था।
मामले में उस समय उपकारागार में तैनात डिप्टी जेलर राकेश वर्मा पर चीनू पंडित की रिहाई के समय में फेरबदल करने का आरोप लगा था।
जहां जेलर था, उसी जेल में होने वाला था शिफ्ट
जांच की सुई जेलर की तरफ घूमने पर पुलिस ने मामले में उसे भी आरोपी बनाया था। जिसके बाद से गिरफ्तारी से बचने के लिए डिप्टी जेलर बीमारी की बात कहकर छुट्टी पर चले गए थे। तभी से वह फरार चल रहे थे।
दो दिन पूर्व उसकी हल्द्वानी में लोकेशन मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की थी, लेकिन वह हाथ नहीं आए। बृहस्पतिवार को उन्होंने रुड़की की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस की माने तो वह सुबह ही कोर्ट में आ गए थे।
शाम चार बजे उसे कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में हरिद्वार जेल भेज दिया गया। पहले उसके रुड़की जेल ही भेजा जाना था लेकिन बाद में हरिद्वार भेजा गया जबकि मामले के आरोपी रहे बंदी रक्षक आनंद प्रकाश का अभी तक सुराग नहीं लग पाया है। विवेचना कर रहे जयदेव आर्य ने बताया कि डिप्टी जेलर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बंदी रक्षक की गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।