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रणवीर एनकाउंटरः रणवीर के साथी भी पुलिस के शिकंजे में

Tue, 10 Jun 2014 09:06 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 10 Jun 2014 09:06 AM IST
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अमर उजाला, देहरादून

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जिस रणवीर के फर्जी एनकाउंटर के मामले में दिल्ली में उत्तराखंड पुलिस के 17 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, उस पर दून की सीबीआई अदालत में केस दर्ज है।

रणवीर और उसके साथियों पर यह मुकदमा लूट के प्रयास, षड्यंत्र और सरकारी कर्मचारी को चोटिल करने का है।

सीबीआई ने मामले में 104 गवाह बनाए हैं, जिनमें से 14 अब तक गवाही दे चुके हैं।

दून की CBI अदालत में चल रहा है केस

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रणवीर के साथियों के अधिवक्ता पराग कुमार बताते हैं कि सीबीआई ने रणवीर एनकाउंटर से जुड़े मामले में दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की थी।

एक में पुलिसकर्मियों पर रणवीर की हत्या का मामला था तो दूसरे में रणवीर और उसके साथियों पर लूट का केस।

फर्जी एनकाउंटर का मामला दिल्ली ट्रांसफर हो गया, दूसरा दून की सीबीआई अदालत में चल रहा है।

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रणवीर के साथ इन पर दर्ज है केस

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बताया कि मामले में रणवीर, रणवीर का भाई रामकुमार और अशोक कुमार पंवार दोनों निवासी बमरोली दोघाट जिला बागपत, शेखर त्यागी निवासी 405 जेजी कालोनी गंगानगर मेरठ और अमित भटनागर निवासी मेरठ के खिलाफ 392 (लूट का प्रयास) 120 बी (षड्यंत्र) व 333 (पब्लिक सर्वेंट को चोटिल करना) के तहत मुकदमा चल रहा है।

यह है सीबीआई की चार्जशीट
सीबीआई ने मामले में कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में बताया है कि रणवीर और रामकुमार लूट के प्रयास का षड्यंत्र रच रहे थे।

इसी दौरान पेट्रोलिंग पर निकले आराघर चौकी प्रभारी जीडी भट्ट ने उन्हें टोका। इस पर रामकुमार भाग निकला, जबकि रणवीर को हिरासत में ले लिया गया।

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बर्खास्तगी की लटकी तलवार

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रणवीर एनकाउंटर में सजा पाने वाले पुलिसकर्मियों पर अब बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सकती है।

एनकाउंटर के बाद इन पुलिसकर्मियों को दूसरे जिलों में स्थानांतरित किया गया था। जेल जाने के बाद से वे निलंबित हैं, जिसके बाद सबको आधा वेतन दिया जा रहा है।

अब उम्रकैद की सजा की कॉपी मिलने के बाद बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बताया जा रहा है कि सिपाही स्तर तक डीआईजी कार्रवाई कर सकते हैं, जबकि इससे ऊपर शासन स्तर पर गृह विभाग कार्रवाई करेगा।

डीजीपी फैसले पर मंथन की बात कह चुके हैं, जबकि संसदीय कार्य मंत्री इंदिरा हृदयेश ने कहा था कि जो जैसा करेगा, उसे वैसी सजा मिलेगी।

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