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सिविल सेवा बोर्ड के माध्यम से होंगे आईपीएस के तबादले
Updated Thu, 09 Aug 2018 02:32 AM IST
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सिविल सेवा बोर्ड के माध्यम से होंगे आईपीएस के तबादले
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राज्य में आईपीएस अधिकारियों के तबादले में अब सीधे तौर पर सरकार का दखल नहीं होगा। तबादले अब सिविल सेवा बोर्ड के माध्यम से होंगे। इसके लिए बुधवार को राज्यपाल केके पाल ने भारतीय पुलिस सेवा (संवर्ग) नियमावली 2014 के नियमों के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सिविल सेवा बोर्ड के गठन को मंजूरी दे दी है।
बता दें कि आईपीएस के तबादलों में सरकार का दखल होता है। इसमें गाहे बगाहे आरोप भी लगते हैं कि सरकार मनमानी कर अपने चहेते अधिकारियों को पोस्टिंग देती है। इसके अलावा माना जाता है कि अधिकारी भी इस जुगत में रहते हैं कि वे कब किससे सेटिंग कर क्रीम वाली जगह पोस्टिंग ले सकें। इन मामलों को देखते हुए काफी समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर व्यवस्था बनाने के आदेश दिए थे। इसी के तहत अब इस बोर्ड के गठन को मंजूरी मिली है। इस बोर्ड के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे। इसके साथ ही इसमें कार्मिक विभाग उत्तराखंड शासन के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक सदस्य होंगे। गौरतलब है कि इसी तरह की व्यवस्था भारतीय वन सेवा अधिकारियों के तबादलों में भी लागू है। उनके तबादले भी सिविल सेवा बोर्ड के माध्यम से ही होते हैं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राज्य में आईपीएस अधिकारियों के तबादले में अब सीधे तौर पर सरकार का दखल नहीं होगा। तबादले अब सिविल सेवा बोर्ड के माध्यम से होंगे। इसके लिए बुधवार को राज्यपाल केके पाल ने भारतीय पुलिस सेवा (संवर्ग) नियमावली 2014 के नियमों के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सिविल सेवा बोर्ड के गठन को मंजूरी दे दी है।
बता दें कि आईपीएस के तबादलों में सरकार का दखल होता है। इसमें गाहे बगाहे आरोप भी लगते हैं कि सरकार मनमानी कर अपने चहेते अधिकारियों को पोस्टिंग देती है। इसके अलावा माना जाता है कि अधिकारी भी इस जुगत में रहते हैं कि वे कब किससे सेटिंग कर क्रीम वाली जगह पोस्टिंग ले सकें। इन मामलों को देखते हुए काफी समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएस अधिकारियों के तबादलों को लेकर व्यवस्था बनाने के आदेश दिए थे। इसी के तहत अब इस बोर्ड के गठन को मंजूरी मिली है। इस बोर्ड के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे। इसके साथ ही इसमें कार्मिक विभाग उत्तराखंड शासन के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह और पुलिस महानिदेशक सदस्य होंगे। गौरतलब है कि इसी तरह की व्यवस्था भारतीय वन सेवा अधिकारियों के तबादलों में भी लागू है। उनके तबादले भी सिविल सेवा बोर्ड के माध्यम से ही होते हैं।
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