उत्तराखंडः अंधविश्वास ने ली चार गायों की जान, डेढ़ दर्जन से ज्यादा बीमार
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उत्तराखंड के नौगांव में अफवाह पर विश्वास कर इकलौते बेटे को अनिष्ट से बचाने के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों ने गायों को मीठी रोटी खिलाई, जिससे रवाईं घाटी में चार गायों की मौत हो गई। जबकि डेढ़ दर्जन से ज्यादा गायें बीमारी हो गई हैं।
पशु चिकित्सक गायों के इलाज में जुटी है। गायों की मौत अधिक मात्रा में तेल में तली मीठी रोटी खिलाने से हुई फूड प्वाइजनिंग बताया जा रहा है।
बता दें कि बुधवार देर रात को संचार माध्यमों से उड़ी अफवाह पर विश्वास कर सैकड़ों लोगों ने अपने इकलौते बेटों को अनिष्ट से बचाने के नाम पर गायों को मीठी रोटी खिलाई।
बड़ी मात्रा में तेल में तली मीठी रोटी खिलाया जाना गायों की सेहत पर भारी पड़ा। नौगांव बाजार में सुभाष उनियाल की दो तथा बड़कोट नगर में देवेंद्र पयाल की एक और एक लावारिस गाय की मौत हो गई। इनके अलावा सुनारा, मुंगरा, भाटिया, नौगांव, तुनाल्का में अब भी एक दर्जन से ज्यादा गायें बीमार हो गई हैं।
गायों के इलाज में जुटे पशुचिकित्सक
पशुपालन विभाग के विरेंद्र राणा ने बताया कि बड़कोट नगर में सात गायें बीमार हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। मृत एवं बीमार गायों में अधिकांश लाल रंग की है, क्योंकि लाल रंग की गाय को ही रोटी खिलाने की अफवाह फैली थी।
देवेंद्र पयाल ने बताया कि बीते रोज उनकी गाय को रोटी खिलाने वालों की लाइन लगी रही। इसी कारण गाय की मौत हुई। बड़कोट निवासी सुरेश ने बताया कि उसके घर पर भी बृहस्पतिवार तड़के चार बजे से गाय को रोटी खिलाने वालों की लाइन लग गई थी।
भारी भीड़ लगने पर उसने छह बजे गोशाला पर ताला लगा दिया। तब तक ज्यादा रोटी खाने से उसकी गाय भी बीमार हो गई थी। घटना से समाज में व्याप्त अशिक्षा और अंधविश्वास को समझा जा सकता है। फिलहाल पशुपालन विभाग के चिकित्सक बीमार गायों के इलाज में जुटे हैं।
तेल से तली खाद्य सामग्री ज्यादा मात्रा में खाने से गाय उसे पचा नहीं पाती। इससे आंतों में फूड प्वाइजनिंग होने से पेट फूल जाता है। समय पर उपचार नहीं मिलने से गाय की मौत भी हो सकती है। मरने वाली गायों के साथ संभवत: यही हुआ।
- डॉ. मोनिका गोयल, पशु चिकित्सा अधिकारी नौगांव