फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   cow death due to blind faith

उत्तराखंडः अंधविश्वास ने ली चार गायों की जान, डेढ़ दर्जन से ज्यादा बीमार

Fri, 27 May 2016 06:44 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नौगांव-बड़कोट
ब्यूरो / अमर उजाला, नौगांव-बड़कोट Updated Fri, 27 May 2016 06:44 PM IST
विज्ञापन
cow death due to blind faith
cow ill due to blind faith

उत्तराखंड के नौगांव में अफवाह पर विश्वास कर इकलौते बेटे को अनिष्ट से बचाने के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों ने गायों को मीठी रोटी खिलाई, जिससे रवाईं घाटी में चार गायों की मौत हो गई। जबकि डेढ़ दर्जन से ज्यादा गायें बीमारी हो गई हैं।

विज्ञापन


पशु चिकित्सक गायों के इलाज में जुटी है। गायों की मौत अधिक मात्रा में तेल में तली मीठी रोटी खिलाने से हुई फूड प्वाइजनिंग बताया जा रहा है।

बता दें कि बुधवार देर रात को संचार माध्यमों से उड़ी अफवाह पर विश्वास कर सैकड़ों लोगों ने अपने इकलौते बेटों को अनिष्ट से बचाने के नाम पर गायों को मीठी रोटी खिलाई।
विज्ञापन


बड़ी मात्रा में तेल में तली मीठी रोटी खिलाया जाना गायों की सेहत पर भारी पड़ा। नौगांव बाजार में सुभाष उनियाल की दो तथा बड़कोट नगर में देवेंद्र पयाल की एक और एक लावारिस गाय की मौत हो गई। इनके अलावा सुनारा, मुंगरा, भाटिया, नौगांव, तुनाल्का में अब भी एक दर्जन से ज्यादा गायें बीमार हो गई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

गायों के इलाज में जुटे पशुचिकित्सक

cow death due to blind faith
गाय - फोटो : amar ujala

पशुपालन विभाग के विरेंद्र राणा ने बताया कि बड़कोट नगर में सात गायें बीमार हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। मृत एवं बीमार गायों में अधिकांश लाल रंग की है, क्योंकि लाल रंग की गाय को ही रोटी खिलाने की अफवाह फैली थी।

देवेंद्र पयाल ने बताया कि बीते रोज उनकी गाय को रोटी खिलाने वालों की लाइन लगी रही। इसी कारण गाय की मौत हुई। बड़कोट निवासी सुरेश ने बताया कि उसके घर पर भी बृहस्पतिवार तड़के चार बजे से गाय को रोटी खिलाने वालों की लाइन लग गई थी।

भारी भीड़ लगने पर उसने छह बजे गोशाला पर ताला लगा दिया। तब तक ज्यादा रोटी खाने से उसकी गाय भी बीमार हो गई थी। घटना से समाज में व्याप्त अशिक्षा और अंधविश्वास को समझा जा सकता है। फिलहाल पशुपालन विभाग के चिकित्सक बीमार गायों के इलाज में जुटे हैं।

तेल से तली खाद्य सामग्री ज्यादा मात्रा में खाने से गाय उसे पचा नहीं पाती। इससे आंतों में फूड प्वाइजनिंग होने से पेट फूल जाता है। समय पर उपचार नहीं मिलने से गाय की मौत भी हो सकती है। मरने वाली गायों के साथ संभवत: यही हुआ।
- डॉ. मोनिका गोयल, पशु चिकित्सा अधिकारी नौगांव

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed