Coronavirus: कोरोना संक्रमित के क्षेत्र से गई महिला को जिला अस्पताल में नहीं किया भर्ती, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किया रेफर
- लोहाघाट में स्वास्थ्य कर्मियों के विरोध के बाद जिला अस्पताल वापस भेजी गई महिला मरीज
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आपने मरीज को छोटे अस्पतालों से जिला अस्पताल या हायर सेंटर रेफर होने की बात तो सुनी होगी, लेकिन उत्तराखंड के चंपावत में ऐसा मामला सामने आया जिसे जानकर आप भी हैरान होंगे।
चंपावत जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में बुधवार शाम पहुंची एक महिला मरीज को वहां भर्ती न कर लोहाघाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया। यह मरीज उस क्षेत्र से आई थी, जहां काम कर चुका एक नेपाली मजदूर 4 अप्रैल को नेपाल में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था।
महिला मरीज के जिला अस्पताल से वहां पहुंचने पर सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मी भड़क गए। उन्होंने बड़े स्वास्थ्य केंद्र से छोटे अस्पताल में मरीज को भेजने पर आपत्ति जताते हुए उसे लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद एंबुलेंस से महिला मरीज को वापस चंपावत भेजा गया।
उस वक्त अस्पताल में कई अधिकारी थे मौजूद
जिस वक्त मरीज जिला अस्पताल गई थी, उस समय एडीएम टीएस मर्तोलिया, एसडीएम आरसी गौतम व सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी व्यवस्थाओं के सिलसिले में अस्पताल में ही थे। अस्पताल के विरोध करने पर तुरंत सीएमओ ने जिला अस्पताल के सीएमएस और डीएम से बात की।
डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने दोनों अस्पतालों के प्रभारियों से फोन पर घटनाक्रम को जाना और चंपावत क्षेत्र के मरीज को लोहाघाट भेजने को गलत बताया। इसके बाद मरीज को फिर वापस चंपावत भेजा गया।
डीएम ने कहा कि मरीज को गलतफहमी के चलते लोहाघाट रेफर किया गया। मरीज एकदम सामान्य है। नियमों के मुताबिक जिला अस्पताल से मरीज को हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया जाता है।