Coronavirus In Uttarakhand: मां पूर्णागिरि धाम के कपाट फिर एक महीने के लिए फिर बंद
- कोरोना के बढ़ते संक्रमण की आशंका के चलते प्रशासन और मंदिर समिति ने लिया फैसला
- उत्तराखंड के श्रद्धालु भी नहीं कर सकेंगे मां पूर्णागिरि के दर्शन
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कोरोना संक्रमण की बढ़ती हुई आशंका को देखते हुए मां पूर्णागिरि धाम के कपाट फिर बंद हो गए हैं। बृहस्पतिवार को बनबसा में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई अधिकारियों और मंदिर समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया है।
कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष यह दूसरी बार है जब पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक लगानी पड़ी है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि एनएचपीसी गेस्ट हाउस में हुई बैठक में जिलाधिकारी के आग्रह पर समिति ने मंदिर के कपाट फिलहाल एक माह यानी 18 जुलाई तक बंद करने का निर्णय लिया है।
शुक्रवार से मंदिर के कपाट बंद कर दर्शन पर रोक रहेगी। बैठक में जिलाधिकारी के अलावा एसपी लोकेश्वर सिंह, एडीएम टीएस मर्तोलिया, एसडीएम दयानंद सरस्वती, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, तहसीलदार खुशबू पांडेय, सीओ विपिन चंद्र पंत, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, बनबसा नगर पंचायत अध्यक्ष रेनू अग्रवाल, मंदिर समिति के पदाधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
हर दिन 30 से 50 श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंच रहे थे
बता दें कि कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष होली के अगले दिन से शुरू होकर तीन माह तक चलने वाला उत्तर भारत का प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला छह दिन बाद ही रद्द करना पड़ा था। अनलॉक में सरकार ने गत 8 जून से धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी तो मां पूर्णागिरि धाम के कपाट भी खोल दिए थे, लेकिन फिलहाल सिर्फ उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को ही दर्शन की अनुमति दी गई थी।
इन दिनों उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से हर दिन 30 से 50 श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंच रहे थे, लेकिन क्षेत्र में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण फिर धाम के कपाट बंद कर दिए गए हैं।