Coronavirus: देहरादून में अब 38 दिन में डबल हो रहे कोरोना संक्रमित, मॉनिटरिंग को तीन कॉल सेंटर बनाए
- डीएम बोले-दून में बेहतर हुआ डबलिंग रेट, फिर भी सतर्कता जरूरी
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देहरादून के डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दून में कोरोना मरीजों का डबलिंग रेट अब पहले से बेहतर हुआ है। पहले कोरोना मरीज जिले में 28 दिन में डबल हो रहे थे, लेकिन अब 38 दिन में दोगुने हो रहे हैं। मौजूदा समय में स्थिति नियंत्रण में है, बावजूद इसके सतर्कता जरूरी है।
डीएम ने बताया कि राजधानी में रिकवरी रेट देश के औसत रिकवरी रेट से बेहतर है। मौजूदा समय में जिले में आए 651 मरीजों में से 494 ठीक हो चुके हैं। कोरोना से मरने वालों की संख्या 20 है।
निरंजनपुर मंडी में आढ़ती और उनके परिवार में 77 मामले थे, लेकिन अब वहां भी स्थिति ठीक है। शहर में हर शनिवार और रविवार को सैनिटाइजेशन अभियान चलाया जा रहा है। इस समय जिले में अननॉन सोर्स से संक्रमित मरीज नहीं आ रहा है।
जिले की बात करें तो टेस्ट प्रति दस लाख पर 12534 है। ऐसे में अब लोगों को अधिक परेशान होने की जरूरत नहीं है। बताया कि 42 फ्लू क्लीनिक में 12555 लोगों का रैपिड टेस्ट हो चुका है। जिसमें से करीब 900 में कोरोना के लक्षण मिलने पर उनका आरटीपीसीआर टेस्ट कराया गया। बीते 16 जून से जिले में अननॉन सोर्स से कोई संक्रमित केस नहीं आए।
मॉनिटरिंग को तीन कॉल सेंटर बनाए
डीएम ने बताया कि जिले में विभिन्न स्तरों पर एक्टिव सर्विलांस किया जा रहा है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 24 लाख से अधिक लोगों को चेक किया। 52 कंटेनमेंट जोन में से 28 अब भी सक्रिय हैं।
खुले इलाके में तीन या इससे अधिक मामले आने और सघन आबादी वाले इलाकों में एक ही मामला आने पर कंटेनमेंट जोन बनाया जा रहा है। सर्विलांस सिस्टम भी बदलने जा रहा है। कोरोना से बचाव को देखते हुए जिले को नौ सेक्टरों में बांटा है।
आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ही सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। यह सर्विलांस कर अपनी रिपोर्ट देंगे। इसके अलावा कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम व इसके प्रभाव को कम करने और मॉनिटिरिंग के लिए तीन कॉल सेंटर बनाए गए हैं।
जिसमें होम क्वारंटीन किए गए लोगों के स्वास्थ्य आदि की जानकारी, कोविड-19 संक्रमण से ठीक होकर घर लौटें लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी के साथ ही जिले के को-मोर्बिडिटी अवस्था वाले लोगों से फोन पर संपर्क कर स्वास्थ्य जानकारी लेने के साथ ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है।