कोरोना वायरस: उत्तराखंड की छात्रा गुरुग्राम आर्मी अस्पताल में भर्ती, एम्स ऋषिकेश में आशंकित किशोर
- गुरुग्राम के आर्मी अस्पताल में सघन निगरानी में है लोहाघाट की छात्रा
- इसी अस्पताल में हैं चीन से पहली फ्लाइट से आए सभी 240 भारतीय
- चीन के युआन जी विवि में रिसर्च करने गई थी लोहाघाट की छात्रा
- हर रोज 15 मिनट बात होने से बेफिक्र हैं छात्रा के परिजन
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चीन से लौटी लोहाघाट के एक व्यापारी की बेटी को करीब 10 दिन सघन निगरानी में रहना होगा। यह छात्रा चीन के युआन जी विश्वविद्यालय में रिसर्च करने गई थी। पांच दिन पूर्व दिल्ली लौटी इस छात्रा में कोरोना वारयस की पुष्टि नहीं हुई लेकिन एहतियात के तौर पर छात्रा को गुरुग्राम के आर्मी अस्पताल में भर्ती किया गया है। छात्रा के साथ ही उस फ्लाइट में आए अन्य 240 भारतीय नागरिकों का भी सघन निगरानी केंद्र में परीक्षण किया जा रहा है।
रिसर्च के लिए चीन गई लोहाघाट की छात्रा को कोरोना वायरस के डर से 15 दिन तक वहां घर में बंद रहने को मजबूर होना पड़ा था। छात्रा के परिजनों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से उनकी बेटी को रोजाना 10 से 15 मिनट तक फोन से बात करने की अनुमति दी गई है।
बेटी से बात होने से परिजन अब पूरी तरह संतुष्ट हैं। साथ ही आर्मी अस्पताल में हुए तमाम परीक्षण की रिपोर्ट भी ठीक पाई गई। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी कब लौटेगी, अभी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। अलबत्ता करीब 10 दिन और सघन निगरानी में रहने की बात कही जा रही है।
परिजनों के साथ चीन के झिनझियांग गया था, 24 जनवरी को लौटा
ऋषिकेश एम्स में कोरोना वायरस आशंकित एक और किशोर का रुटीन चेकअप किया गया। इसका सैंपल टेस्ट के लिए पुणे स्थित लैब भेज दिया गया है। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि बुधवार को दिल्ली करोलबाग निवासी कोरोना वायरस आशंकित 11 वर्षीय किशोर ओपीडी में रुटीन चेकअप आया था।
पीड़ित का सेंपल लेकर पुणे स्थित प्रयोगशाला को भेज दिया गया है। इसकी टेस्ट रिपोर्ट आने में रविवार तक का समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि किशोर देहरादून स्थित एक संस्थान में पढ़ाई कर रहा है। पीआरओ के मुताबिक पीड़ित किशोर परिजनों के साथ बीते 19 दिसंबर को चीन के झिनझियांग प्रांत स्थित दोंगझाऊ शहर गया था।
पीड़ित के पिता वहीं काम करते हैं। किशोर यहां 13 जनवरी तक रहने के बाद 24 जनवरी को स्वदेश वापस आया था। रुटीन चेकअप और उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया है। टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित के परिजनों को सूचना दी जाएगी।
देहरादून में स्वास्थ्य महानिदेशक ने जांची कोरोना से निपटने की तैयारी
कोरोना वायरस से निपटने की तैयारियों को जांचने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने बुधवार को राजधानी के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया। सुबह डॉ. उप्रेती जिला अस्पताल (कोरोनेशन और गांधी शताब्दी अस्पताल) पहुंची। यहां उन्होंने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीसी रमोला, अस्पताल के डॉक्टरों, फार्मेसिस्ट, स्टाफ नर्स और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के साथ बैठक की।
राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में भी डॉ. उप्रेती ने कोरोना वायरस से निपटने की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। तीनों अस्पतालों में उन्होंने आइसोलेशन वार्ड का भी निरीक्षण किया। सभी वार्ड मानकों के अनुरूप पाए गए। उन्होंने तीनों अस्पतालों में कर्मचारियों के लिए एन-95 मास्क, पर्सनल प्रोटक्शन एक्जामिनेशन (पीपीई) किट और सपोर्टिंग इलाज के लिए जरूरी दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. उप्रेती ने निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी को निर्देश दिए कि वह जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में कोरोना वायरस से निपटने के लिए जरूरी संसाधन की उपलब्धता समय रहते सुनिश्चित करा लें। इसके लिए जरूरी बजट आदि की कार्ययोजना महानिदेशालय को भेजें।
यह भी कहा कि किसी तरह का भय का वातावरण अपने स्तर से पैदा न होने दें। निरीक्षण के दौरान इंटेग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. पंकज सिंह, एसीएमओ डॉ. एनके त्यागी, डॉ. दिनेश चौहान, दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री आदि शामिल रहे।
चीन और अन्य देशों से लौटे तीन लोगों के स्वास्थ्य की हुई जांच
टनकपुर में कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चीन और अन्य देशों से लौटे चार लोगों में से तीन लोगों की उनके घरों में जाकर जांच की। जांच में तीनों लोग स्वस्थ पाए गए।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. घनश्याम तिवारी ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य विभाग को टनकपुर के चार लोगों के चीन और अन्य देशों से लौटने की सूचना मिली। चारों के नाम-पते मिलने के बाद डॉ. हेमंत शर्मा के नेतृत्व में टीम ने उनके घरों में जाकर उनके स्वास्थ्य की जांच की। तीनों में कोराना वायरस से लक्षण नहीं मिले हैं।
चिकित्साधिकारी डॉ. हेमंत शर्मा के मुताबिक चार में से दो चीन से लौटे हैं, जबकि अन्य दो वाया चीन दूसरे देशों से आए हैं। इनमें से तीन लोग टनकपुर में हैं, जबकि चौथा व्यक्ति हल्द्वानी में रह रहा है। उन्होंने बताया कि टनकपुर में रह रहे तीनों लोग स्वस्थ हैं। फिर भी उनके स्वास्थ्य पर नियमित रूप से निगरानी रखी जाएगी।
चीन से तीन लोग अल्मोड़ा जिले में पहुंचे
कोरोना वायरस को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। चीन से तीन लोगों के अल्मोड़ा जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचने की जानकारी मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। अल्मोड़ा के प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.पुरोहित ने बताया कि तीन में से दो लोगों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं जबकि एक अन्य व्यक्ति के बारे में अभी रिपोर्ट मिलनी बाकी है।
उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर चीन से लौटने वाले भारतीय नागरिकों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि चीन से लौटे इन तीन लोगों में से एक अल्मोड़ा शहरी क्षेत्र का, दूसरा चौखुटिया और तीसरा भिकियासैंण ब्लॉक का निवासी है। इन तीनों के स्वास्थ्य की जांच के लिए संबंधित क्षेत्रों के चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. पुरोहित ने बताया कि अल्मोड़ा और चौखुटिया लौटे दोनों लोगों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं, जबकि भिकियासैंण ब्लॉक में लौटे व्यक्ति के बारे में रिपोर्ट बृहस्पतिवार तक मिल जाएगी। जानकारी के मुताबिक चीन से लौटे इन लोगों के बारे में एयरपोर्ट अथॉरिटी से राज्य स्तर पर सूचना मिली थी। इसके बाद राज्य स्तर से अल्मोड़ा में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। बताया जा रहा है कि ये लोग तीन फरवरी को अल्मोड़ा जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचे हैं।