उत्तराखंड में कोरोना: 463 नए संक्रमित मिले, 19 की मौत, 695 मरीज हुए ठीक
वर्तमान में देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, उत्तरकाशी, चंपावत, चमोली, टिहरी, अल्मोड़ा जिले में 95 कंटेनमेंट जोन हैं।
विस्तार
प्रदेश में शनिवार को कोरोना संक्रमण के 463 नए मरीज और 19 की मौत हुई है। जबकि 695 मरीज स्वस्थ हुए हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 336616 हो गई है।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शनिवार को 28669 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, 13 जनपदों में 463 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। देहरादून जिले में 124 कोरोना मरीज मिले हैं। हरिद्वार में 93, नैनीताल में 53, पिथौरागढ़ में 45, अल्मोड़ा में 30, चंपावत में 25, बागेश्वर में 22, ऊधमसिंह नगर में 20, टिहरी में 15, पौड़ी में 13, चमोली में 12, रुद्रप्रयाग में आठ और उत्तरकाशी जिले में तीन संक्रमित मिले हैं।
प्रदेश में बीते 24 घंटे में 19 कोरोना मरीजों ने दम तोड़ा है। अब तक 6928 की मौत हो चुकी है। जबकि 695 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। इन्हें मिला कर 318930 मरीज संक्रमण को मात दे चुके हैं।
संक्रमितों की तुलना में ज्यादा मरीज ठीक होने से सक्रिय मामले कम हो रहे हैं। वर्तमान में 5021 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश की रिकवरी दर 94.75 प्रतिशत हो गई है। सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 6.60 प्रतिशत दर्ज की गई है।
वर्तमान में आठ जनपदों में अब 95 कंटेनमेंट जोन
प्रदेश में कोरोना संक्रमण थमने से अब पाबंदी भी कम होने लगी है। वर्तमान में आठ जनपदों में अब 95 कंटेनमेंट जोन रह गए हैं। जबकि पांच जिलों में एक भी कंटेनमेंट जोन नहीं है।
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से कंटेनमेंट जोन बना कर पाबंदी लगाई गई थी। मई माह में 13 जनपदों में चार सौ से अधिक कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए थे।
संक्रमण की रफ्तार धीमी होने के साथ ही कंटेनमेंट जोन लगातार कम हो रहे हैं। वर्तमान में देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, उत्तरकाशी, चंपावत, चमोली, टिहरी, अल्मोड़ा जिले में 95 कंटेनमेंट जोन हैं। जहां पर आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर अन्य गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध है। ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और नैनीताल जिले में एक भी कंटेनमेंट जोन नहीं है।
प्रतिदिन 40 हजार सैंपल जांच करने की चुनौती
कोरोना की दूसरी लहर में सिर्फ नौ दिन ही 40 हजार से ज्यादा सैंपल की जांच हुई है। एक दिन में सबसे अधिक सैंपल टेस्टिंग का रिकॉर्ड 26 अप्रैल का है। इस दिन में प्रदेश में 63120 सैंपलों की जांच की गई। अब संक्रमित मामले घटने के साथ ही सैंपल जांच में कमी आई है। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने विभाग को प्रतिदिन 40 हजार सैंपल जांच का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश है। इस लक्ष्य को पूरा करना स्वास्थ्य विभाग के लिए आसान नहीं है।
कोरोना की दूसरी लहर के 70 दिनों में स्वास्थ्य विभाग ने सिर्फ नौ दिन ही 40 हजार से अधिक सैंपल जांच किए हैं। जबकि अप्रैल में हरिद्वार में कुंभ होने के बावजूद मात्र छह दिन ही 40 हजार कोविड जांच हुईं। हाईकोर्ट की ओर से भी कुंभ में प्रतिदिन 50 हजार सैंपल जांच करने का आदेेश दिया गया था। इसके बाद भी यह लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया।
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने कोरोना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि संक्रमित मामले घटने के बाद भी सैंपल जांच कम नहीं होनी चाहिए। 40 हजार प्रतिदिन सैंपल जांच के लक्ष्य को पूरा किया जाए। इस लक्ष्य को हासिल करना विभाग के लिए चुनौती है। सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को प्रतिदिन 40 हजार सैंपल जांच करने के निर्देश दिए हैं।
40 हजार से ज्यादा सैंपल जांच का ब्योरा
दिन सैंपल जांच की संख्या
6 अप्रैल 48863
13 अप्रैल 46126
14 अप्रैल 45256
17 अप्रैल 52301
26 अप्रैल 63120
28 अप्रैल 42438
5 मई 45602
21 मई 42436
23 मई 41112
सैंपलों की जांच लगातार हो रही है। राष्ट्रीय औसत की तुलना में उत्तराखंड में जांच की रिकार्ड बेहतर है। हम राष्ट्रीय औसत से ऊपर चल रहे हैं। - अमित सिंह नेगी, सचिव (स्वास्थ्य)