कोरोना: उत्तराखंड से हिमाचल प्रदेश जाने वाली सभी बसें बंद, 25 फीसदी कम हुए यात्री
- हिमाचल प्रदेश सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाली बसों के संचालन पर लगाया है प्रतिबंध
- आईएसबीटी से हो रहा महज 25 फीसदी बसों का संचालन
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उत्तराखंड रोडवेज प्रबंधन ने हिमाचल प्रदेश जाने वाली बसों के संचालन पर रोक लगा दी है। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दूसरे राज्यों की बसों व निजी गाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने के बाद ही फैसला लिया गया है। वहीं यात्रियों की संख्या में आई भारी कमी के कारण महज अब 25 फीसदी बसों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों की कमी के चलते रोडवेज को प्रतिदिन लाखों की चपत लग रही है।
कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका के चलते हिमाचल प्रदेश सरकार ने दूसरे राज्यों की बसों व निजी गाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। महाप्रबंधक दीपक जैन ने बताया कि अब सिर्फ उन्हीं जगहों के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है, जहां के लिए यात्री मिल रहे हैं। यात्रियों की कमी के चलते बसों के शेड्यूल में भी बदलाव कर दिया गया है। आईएसबीटी पर यात्रियों की संख्या घटकर 25 फीसदी तक रह गई है।
अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की भारी कमी के चलते निगम की आय में 70 फीसदी की कमी आई है। पहले प्रतिदिन औसतन एक करोड़ की कमाई होती थी जो अब घटकर 30 से 35 लाख रुपये पर पहुंच गई है। यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में निगम को और गंभीर वित्तीय झटका लग सकता है।
एफआरआई, आईजीएनएफए, आईसीएफआरई 31 तक बंद
इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी (आईजीएनएफए) के तीन ट्रेनी अफसरों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाए जाने के बाद केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एकेडमी के साथ ही एफआरआई और आईसीएफआरई (इंडियन कौंसिल ऑफ फॉरेस्ट रिसर्च एंड एजूकेशन) के सभी कार्यालयों को 31 मार्च तक बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि तीनों संस्थान के अधिकारी, वैज्ञानिक और कर्मचारी ‘वर्क फॉर्म होम’ को सख्ती से लागू करें। एकेडमी के एडिशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी ने बताया कि मंत्रालय ने जो एडवाइजरी जारी की है उसका कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
कर्मचारियों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। आईसीएफआरई के महानिदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी के तहत आईसीएफआरई और एफआरआई के तमाम वैज्ञानिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को ‘वर्क फॉर्म होम’ की सख्त हिदायत दी गई है। दोनों संस्थानों के सभी कार्यालयों में ताला लगा दिया गया है।