Dehradun: धर्मांतरण मामला...आगरा से लाए गए पांच आरोपियों को भेजा जेल, बातों में फंसाकर ब्रेनवाश थे कर रहे
धर्मांतरण मामला में आगरा से लाए गए पांच आरोपियों को जेल भेज दिया गया। जिला अदालत से जारी वारंट पर आगरा पुलिस ने सभी अभियुक्तों को देहरादून स्थित अदालत में पेश किया।
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धर्मांतरण के मामले में देहरादून पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत दर्ज एक अभियोग की विवेचना के बाद मंगलवार को पांच अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। ये सभी आरोपी आगरा पुलिस ने गिरफ्तार किए थे।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि थाना प्रेमनगर में बरेली निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी छोटी बहन को आगरा जेल में बंद धर्मांतरण के आरोपियों ने निशाना बनाया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उसकी बहन को बातों में फंसाकर, ब्रेनवाश कर और आर्थिक प्रलोभन देकर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। इतना ही नहीं, उसे अन्य हिंदू युवक-युवतियों को भी धर्म बदलने के लिए प्रेरित करने का काम सौंपा गया था।
पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। पांचों अभियुक्त आगरा में पंजीकृत एक धर्मांतरण मामले में पहले से ही जिला कारागार आगरा में बंद थे। देहरादून पुलिस के अनुरोध पर जिला अदालत से जारी वारंट पर आगरा पुलिस ने सभी अभियुक्तों को देहरादून स्थित अदालत में पेश किया। जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
जेल भेजे गए अभियुक्त
1. अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द्र पाल सिंह (निवासी दिल्ली)
2. एसवी कृष्णा उर्फ आयशा माहेनूर (निवासी गोवा)
3. अब्दुर रहमान उर्फ रूपेन्द्र सिंह (निवासी सहसपुर, देहरादून/मूल निवासी मैनपुरी)
4. अब्दुल रहीम (निवासी दिल्ली)
5. अब्दुल्ला (निवासी दिल्ली)
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आयशा ने साथियों के साथ मिलकर रची साजिश
विवेचना में पता चला कि पीड़िता की जान पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से आयशा उर्फ कृष्णा से हुई थी। आयशा ने अपने साथियों अब्दुल रहमान, उसके पुत्रों अब्दुल रहीम और अब्दुल्ला के साथ मिलकर साजिश रची। उन्होंने पीड़िता का धर्मांतरण कराया और उसे इस्लाम धर्म अपनाने के लिए अन्य लोगों को प्रेरित करने का लालच देकर उसके खाते में पैसे जमा कराए। आरोपी अब्दुल रहमान ने पीड़िता को सहसपुर निवासी अब्दुर रहमान से भी मिलवाया और उस पर एक अन्य पीड़िता को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने का दबाव बनाया गया।