व्यापारी आत्महत्या मामले में विधायक का दावा झूठा
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व्यापारी ओमप्रकाश उनियाल के बैंक द्वारा नौ लाख रुपये होल्ड करने का विधायक शैला रानी रावत का दावा झूठा निकला है। बैंक के दस्तावेजों के अनुसार मृतक व्यापारी के खाते में 10 लाख रुपये जमा हुए थे। इसमें से उन्होंने चार लाख रुपये की निकासी की थी।
19 सितंबर को गुप्तकाशी के व्यापारी ओमप्रकाश उनियाल ने आर्थिक कारणों से खुदकुशी कर ली थी। मृतक व्यापारी के सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने 23 सितंबर को विधायक शैला रानी रावत समेत 10 लोगों और संयुक्त व्यापार संघ के विरुद्ध आईपीसी की धारा 306 में मुकदमा दर्ज किया है।
सुसाइड नोट में विधायक पर 42 लाख की देनदारी बताई गई है। आरोपों से घिरी विधायक ने मीडिया से सफाई में कहा था कि व्यापारी को आपदा का नौ लाख और ढाई लाख का मुआवजा स्वीकृत था, लेकिन यह राशि बैंक में होल्ड थी।
बैंक ने निकाली विधायक के दावे की हवा
अमर उजाला के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ओमप्रकाश को गौरीकुंड में व्यावसायिक भवन का मुआवजा तकनीकी टीम ने मूल्यांकन के बाद दो लाख 45 हजार 59 रुपये स्वीकृत किया। तहसील से यह राशि 22 नवंबर 2013 कोa ओमप्रकाश के खाते में ट्रांसफर की गई।
गौरीकुंड में संयुक्त व्यापार संघ ने आपदा में नष्ट हुई उनकी संपत्ति का मूल्यांकन 25 लाख रुपये किया। शासन की नीति के अनुसार प्रथम किश्त में 26 अप्रैल 2014 को 10 लाख रुपये मिले। यह राशि एसबीआई गुप्तकाशी में ट्रांसफर हुई।
बैंक मैनेजर का है कहना
खाते में किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है। 23 मई को ओमप्रकाश ने चार लाख रुपये की निकासी की थी। ओमप्रकाश ने लॉज के लिए बैंक से 20 लाख रुपये का कर्जा लिया था, जिसे उसने चुकाया नहीं था। उसने बताया था कि अभी और धनराशि आनी है। जब धनराशि आ जाएगी तो वह कर्जा चुका देगा। बैंक ने उनका खाता होल्ड नहीं किया था।
-राकेश कुमार, शाखा प्रबंधक, एसबीआई।