Uttarakhand: यूसीसी के प्रस्ताव पर सुझाव देने से कांग्रेस का किनारा, बैठक में नहीं पहुंचा कोई प्रतिनिधि
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के हवाले से पार्टी प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि समान नागरिक संहिता से संबंधित पृष्ठभूमि और जानकारियां समिति से मांगी थीं, ताकि इसके आधार पर कांग्रेस कमेटी भी अपने सुझाव समिति को दे सके, लेकिन लगातार संपर्क किए जाने के बावजूद समिति की ओर से पार्टी को कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।
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समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का प्रस्ताव तैयार किए जाने से पहले विशेषज्ञ समिति की ओर से बुलाई गई राजनीतिक दलों की बैठक से कांग्रेस ने किनारा कर लिया। पार्टी का कोई प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हुआ। पार्टी का कहना था कि उन्हें इस संबंध में जरूरी सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गई थीं।
इस संबंध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के हवाले से पार्टी प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि विशेषज्ञ समिति की ओर से बैठक का आमंत्रण प्राप्त हुआ था। इस पर कांग्रेस ने समान नागरिक संहिता से संबंधित पृष्ठभूमि और जानकारियां समिति से मांगी थीं, ताकि इसके आधार पर कांग्रेस कमेटी भी अपने सुझाव समिति को दे सके, लेकिन लगातार संपर्क किए जाने के बावजूद समिति की ओर से पार्टी को कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।
ड्राफ्ट मिल जाता तो कमेटी अपने सुझाव दे सकती थी
उन्होंने कहा कि जब भी किसी मुद्दे पर सुझाव मांगे जाते हैं तो पहले उसकी पृष्ठभूमि या ड्राफ्ट उपलब्ध कराया जाता है। यदि ड्राफ्ट मिल जाता तो कांग्रेस कमेटी इस संबंध में अपने सुझाव दे सकती थी। इसलिए पार्टी ने निर्णय लिया है कि समिति की ओर से तैयार किए ड्राफ्ट को पूरी तरह से अध्ययन करने के बाद ही अपने सुझाव या तर्क प्रस्तुत करेगी। इसलिए बृहस्पतिवार की बैठक में कांग्रेस की ओर से किसी ने भी प्रतिनिधित्व नहीं किया। इस संबंध में समिति के सचिव को पत्र लिखकर सूचित कर दिया गया है।
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बता दें कि यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति की ओर से सभी हितधारकों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। इस संबंध में समिति की ओर से बृहस्पतिवार को सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई गई थी, ताकि वह ड्राफ्ट तैयार करने से पूर्व अपने सुझाव दे सकें।