फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   conductor daughter prashansa top high school in uttarakhand board.

उत्तराखंड बोर्डः कंडक्टर की बेटी ने हाईस्कूल टॉप कर कायम की मिसाल

Thu, 26 May 2016 09:31 AM IST
जितेंद्र पपनै/अमर उजाला, रामनगर
जितेंद्र पपनै/अमर उजाला, रामनगर Updated Thu, 26 May 2016 09:31 AM IST
विज्ञापन
conductor daughter prashansa top high school in uttarakhand board.
परिजनों के साथ प्रशंसा पोखरियाल - फोटो : अमरउजाला
शिक्षा में गरीबी आड़े आती है, यह बात उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा में गरीब बच्चों ने टॉप कर बेमानी साबित कर दिखाई है। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा की हाईस्कूल टॉपर प्रशंसा कंडक्टर की बेटी है।
विज्ञापन


रामनगर की भरतपुरी निवासी कंडक्टर रामकिशोर पोखरियाल यूजर्स की बसों में 20 साल से परिचालक हैं। मूलरूप से थैलीसैंण पौड़ी गढ़वाल के पोखरी गांव निवासी ने बच्चों की पढ़ाई के चलते भरतपुरी में छोटा मकान बना रखा है। जहां एक भाई व एक बहन के साथ टॉपर की दादी व मां मीनाक्षी गृहणी इनकी देखरेख में जुटी रहती है।
विज्ञापन


हाईस्कूल टॉपर प्रशंसा पोखरियाल को यह भी उम्मीद नहीं थी कि वह टॉप करेंगी। प्रशसा कहती है कि मुझे इतनी उम्मीद जरूर थी कहीं न कहीं मैं मेरिट लिस्ट में अपना स्थान बना लूंगी। लेकिन जैसे ही परीक्षाफल घोषित हुआ तो स्कूल से उसके पास फोन आया कि उसने हाईस्कूल में टॉप किया है। यह खबर सुनकर वह एक बार के लिये सन्न रह गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

खुशी के मारे मां के मुंह में ही रह गई आवाज

conductor daughter prashansa top high school in uttarakhand board.
उत्तराखंड बोर्ड हाईस्कूल टॉपर प्रशंसा पोखरियाल - फोटो : amar ujala

खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। तब मुझे बोर्ड मुख्यालय बुलाया गया। फिर अपने कॉलेज आई, घर आने के बाद मुझे विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने पीडब्लूडी में सम्मानित करने के लिए बुला लिया।

इसके साथ ही प्रशंसा की मां मीनाक्षी के मुंह से खुशी के मारे आवाज ही नहीं निकल पा रही थी कि वह क्या बोले। परिवार में खुशी इतनी कि देर शाम तक खाना तक नहीं खाया था।

प्रशंसा और उसके परिजनों को मोहल्ले वाले देर रात तक उसके घर पहुंचकर बधाई देने में लगे रहे। पिता रामकिशोर पोखरियाल गाड़ी के साथ पहाड़ गए हुए थे। उन्हें तो रामनगर आकर ही अपनी बेटी के टॉपर होने का समाचार मिला। इसके बाद से ही उनका मोबाइल भी घनघनाना शुरू हो गया।

पिता की बातों में उतर आई पहाड़ छोड़ने की पीड़ा

conductor daughter prashansa top high school in uttarakhand board.
मां के साथ प्रशंसा - फोटो : अमरउजाला

उन्होंने बताया मैं तो कम पढ़ पाया, लेकिन मेरी बेटी प्रशंसा ने हाईस्कूल टॉप कर पूरे खानदान का नाम रोशन कर दिया है। बच्चों की खातिर ही मैं पहाड़ छोड़ यहां आया था। आज मेरा पलायन सफल हो गया है।

प्रशंसा ने स्थानीय अर्धसरकारी स्कूल एमपी इंटर कालेज में 10 वीं की परीक्षा दी थी। जिसमें उसने 500 में से 485 अंकों के साथ 97 प्रतिशत अंक पाकर श्रेष्ठता सूची में प्रथम स्थान हासिल किया है।

प्रशंसा टीचर बनना चाहती हैं। उसने बताया यदि बिना किसी दबाव के जितनी भी देर पढ़ा जाए उसे मन से पढ़ा जाए, तो कामयाबी अवश्य मिलेगी। उसने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ ही गुरुजनों को दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed