चीन-जापान से भारत पहुंची ये खतरनाक बीमारी
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चीन-जापान से खतरनाक बीमारी भारत पहुंच गई है। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के युवा इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं।
हल्द्वानी स्थित स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के अधिकांश जगहों पर मल गुहा कैंसर 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में होता है। लेकिन चीन और जापान में यह युवाओं में ज्यादा होता है।
यही अब कुमाऊं में दिखाई दे रहा है। यहां पर 20 युवाओं में यह रोग मिला है। इस कैंसर के युवाओं में होने का कोई प्रमाणिक कारण नहीं पता है, लेकिन खानपान में बदलाव और चाइनीज फूड भी एक कारण हो सकता है।
कैंसर इंस्टीट्यूट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. स्वरूप व डॉ. निर्दोष पंत कैंसर के मेडिकल लिटरेचर हैं। वह बताते हैं कि मल गुहा छोटी आंत के पास होता है।
युवाओं में नहीं होता कॉलो रेक्टल कैंसर
युवाओं में कॉलो रेक्टल कैंसर यदाकदा होता है। जो बड़े संस्थान हैं, उसमें में भी केवल पांच से दस फीसदी ही युवाओं में कैंसर रिपोर्ट हुआ है। लेकिन चीन, जापान में स्थिति बदल जाती है।
डॉ. स्वरूप कहते हैं कि चीन में तुलनात्मक तौर पर ब्रेस्ट कैंसर कम होता है, पर कैंसर रोगियों की संख्या में 30 फीसदी कालो रेक्टल कैंसर रोगी होते हैं। इसी तरह के लक्षण अब कुमाऊं में दिखना शुरू हुआ है।
हमारे कैंसर इंस्टीट्यूट में बीस युवाओं में यह कैंसर मिला है। इनकी उम्र 40 साल के अंदर है। इसमें तो एक मरीज की तो उम्र 17 साल है। डॉ. स्वरूप कहते हैं कि रोग क्यों बढ़ रहा है, इसका कोई ठोस कारण पता नहीं है।
अनुमान है कि लाइफ स्टाइल और खानपान में बदलाव एक कारण हो सकता है। बीते समय में लोगों में चायनीज फूड खाने का चलन बढ़ा है। कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर का इलाज प्राथमिक अवस्था में संभव है। बाद में कारगर नहीं होता।