...आठ बज गए, पार्टी अब नहीं होगी
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राजधानी देहरादून में छात्र-छात्राओं के नशे की बढ़ती प्रवत्ति को लेकर पुलिस ने इंस्टीट्यूट संचालकों के साथ मंथन किया।
एसएसपी ने कहा कि नशे के सौदागरों की दखल शैक्षिक संस्थानों के अंदर तक है। ऐसे में छात्रों को नशे के प्रति जागरूक करने के साथ उनके रात में घूमने पर रोक लगाई जाए।
एसएसपी अजय रौतेला ने शुक्रवार को अपने ऑफिस के सभागार में व्यवसायिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर छात्र-छात्राओं में बढ़ती नशाखोरी पर कड़ी चिंता जताई है। नशे की लत से उन्हें उबारने के लिए संयुक्त प्रयास की जरूरत है।
पुलिस पूरा सहयोग करेगी
यह तभी संभव है, जब पुलिस के साथ संस्थानों का तंत्र गंभीरता से कार्रवाई करे। कप्तान ने कहा कि लगातार ऐसी शिकायत मिल रही है कि कुछ छात्र खुद तो नशा कर रहे हैं, दूसरे को भी प्रेरित कर रहे हैं।
सौदागर उनके जरिए अपना नेटवर्क मजबूत किए हुए हैं। शैक्षिक संस्थानों में नशे के खिलाफ माहौल बनाने की जरूरत है।
इसके लिए सेमिनार कराए जाएं, जिसमें पुलिस पूरा सहयोग करेगी। इंस्टीट्यूट से जुडे़ पीजी में व्यवस्था की जाए कि रात आठ बजे के बाद छात्र बाहर न निकल सके। एसपी सिटी नवनीत भुल्लर ने रात में छात्रों द्वारा नशे में ड्राइविंग से हादसे बढ़ रहे हैं।
सादी वर्दी में आने की मांग खारिज
बैठक में डीआईटी, ग्राफिक ऐरा, आईएमएस आदि व्यवसायिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
इंस्टीट्यूट के कई प्रतिनिधियों ने कैंपस में पुलिसकर्मियों के वर्दी में आने पर एतराज जताया। इससे उनके संस्थान की छवि प्रभावित होती है। पुलिस अधिकारियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई।
एसएसपी का कहना था कि यह बात सही नहीं है। पुलिस झगडे़ या दूसरी सूचनाओं पर ही जाती है। बिना वर्दी जाने वाले पुलिसकर्मियों के साथ होने वाली अनहोनी की जिम्मेदारी कौन लेगा।