घनसाली पहुंचे सीएम, आपदा के जख्मों पर लगाया राहत का मरहम
- भारी वर्षा से तबाह हुए टिहरी के तमाम गांवों का लिया जायजा
- मृतक आश्रितों को दिए चार-चार लाख के चेक, बंधाया ढांढस
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जनपद टिहरी के आपदा से सर्वाधिक प्रभावित गांव कोटियाडा, घनसाली में बुधवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दौरा किया। यहां उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। सुबह घनसाली पहुंचकर उन्होंने कोटियाडा, केमरा, सिल्यारा, सेंदुल, बहेड़ी, गनगर आदि गांवों में भारी बर्षा और बादल फटने की घटनाओं से हुए नुकसान का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को गति प्रदान किए जाने के लिए एक करोड़ की धनराशि राज्य सरकार की ओर से देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी इंदुधर बौडाई को निर्देश दिए कि क्षेत्र के 150 से अधिक प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सहायता प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान मारे गए दो बच्चों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये के चेक राहत के रूप में प्रदान किए।
साथ ही पूर्व विधायक बलबीर सिंह नेगी को आपदा से हुए नुकसान के सर्वे के लिए सर्वे समिति का अध्यक्ष तीन माह के लिए नामित किया है। समिति क्षेत्र में कृषि, भवनों, विद्युत, पेयजल, पशुओं की क्षति का मूल्यांकन करेगी।
प्रभावित परिवारों को शेल्टर के लिए 20 हजार
प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी व्यवस्था होने तक टीन शेड बनवाकर देने या फिर 20-20 हजार की धनराशि तात्कालिक सहायता के रूप में प्रदान करने की भी घोषणा की। जिलाधिकारी को यह निर्देश भी दिए गए कि प्रभावित परिवारों के लिए सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाए।
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने सिल्यारा नाले की सफाई करवाने के लिए भी कहा, जिससे बारिश का पानी रुकने का खतरा न रहे। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक भीम लाल आर्य ने प्रभावितों की विभिन्न समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। भ्रमण के दौरान विधायक प्रतापनगर विक्रम सिहं नेगी, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शांति भट्ट सहित क्षेत्रीय जनता, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी आदि मौजूद थे।
आठ बजे के बाद बद्रीनाथ के लिए नो एंट्री
मुख्यमंत्री ने चकराता क्षेत्र में समय से आपदा राहत न मिलने की शिकायत पर डीएम देहरादून को जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं चारधाम यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने बद्रीनाथ जाने वाले यात्रियों को रात 8 बजे बाद जोशीमठ से आगे न जाने देने को भी कहा है। कर्णप्रयाग में कालेश्वर नदी में सिल्ट के कारण नदी का बहाव गांव की तरफ होने की बात पर सिल्ट को तत्काल हटाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कर्णप्रयाग आईटीआई के रास्ते को भी तत्काल खोले जाने के लिए भी मुख्यमंत्री ने कहा।