केदारनाथ में पुलिस पर बच्ची और युवक को मंदिर से घसीटने का आरोप, सीएम ने डीएम को दिए जांच के आदेश
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गुरुवार को केदारनाथ धाम में एक परिवार के साथ पुलिसकर्मी द्वारा बच्ची और युवक के साथ अभद्र व्यवहार करने के मामले में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को घटना की जांच कर आवश्यक कार्यवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीसीटीवी फुटेज और मौके पर उपस्थित लोगों से पूछताछ कर प्रकरण की जांच की जाएगी।
बता दें कि केदारनाथ में यात्रियों ने पुलिस पर मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि एक बच्ची और एक युवक को पुलिस ने मंदिर के अंदर से घसीट कर बाहर निकाला, जिससे बच्ची के पांव में चोट आई है। पुलिस अधीक्षक ने इस तरह की घटना से इंकार किया था।
गुरुवार को सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में एक युवक ने आरोप लगाया कि वह मंदिर में दर्शन करते हुए जल चढ़ा रहे थे, तभी पुलिस कर्मी ने एक बच्ची का सिर पकड़कर उसे बाहर की तरफ धकेला। एक युवक को घसीटकर बाहर लाया गया।
युवक का कहना था कि एक अन्य युवती और उसकी मां व मौसी के साथ भी पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया है। उसे थर्ड डिग्री की धमकी भी दी गई। इधर, तीर्थ पुरोहित कुलदीप, बगवाड़ी, नितिन बगवाड़ी, अंकुर शुक्ला, हिमांशु तिवारी आदि का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से राज्य की छवि धूमिल हो रही है और देश-विदेश में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है।
इधर, पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने इस तरह की घटना से साफ इंकार किया है। उन्होंने कहा कि कुछ यात्री मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग पर जल चढ़ा रहे थे। पुलिस जवानों ने उनसे जल्दी पूजा कर बाहर आने का निवेदन किया था, लेकिन वह नहीं माने, बल्कि एक यात्री ने पुलिस जवान का कॉलर पकड़ लिया।
जवान मंदिर के अंदर यात्रियों को संभालने में जुटा हुआ था। ये कुछ यात्री अव्यवस्था फैलाने में लगे हुए थे। ऐसे में उन्हें मजबूरन बाहर करना पड़ा। वे अब पुलिस पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। किसी भी यात्री ने पुलिस कर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई है।