उत्तराखंडः गोपेश्वर में बादल फटा, तबाह हो गया गांव
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उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी है। यहां गोपेश्वर के एक गांव में बादल फटने से चीख पुकार मच गई।
शनिवार देर रात गोपेश्वर में पोखरी ब्लॉक के सेरा मालकोटि गांव के गदेरे में बादल फट गया। इस घटना में वहां मौजूद सात गोशालाएं बह गई। इन गोशालाओं साथ 76 बकरियां भी बह गईं। रविवार सुबह 11 बजे तक घटना स्थल पर प्रशासन की टीम नहीं पहुंच पाई थी।
बादल फटने की घटना के बाद गांव का प्राथमिक विद्यालय खतरे की जद में आ गया है। वही गांव को बाहरी दुनिया से जोड़ने वाला पैदल पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिस कारण ग्रामीण छह किमी पैदल चलने को मजबूर हैं।
बारिश से फिर तबाही, सड़कें ध्वस्त, घरों में मलबा
वहीं कुमाऊं मंडल के नाचनी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ व बागेश्वर में बारिश ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। बोरागांव ग्राम पंचायत के टिम्टिया तोक में बादल फटने से एक मकान ध्वस्त हो गया, तीन मकान और कई लोगों के फलों के बगीचे मलबे से पट गए हैं। यही नहीं यहां पानी की लाइन और रास्ते भी ध्वस्त हो गए हैं। वहीं, रांया ग्राम पंचायत के फरामी तोक में पहाड़ी से गिरे बोल्डरों की चपेट में आने से 10 मकानों में दरारें आ गई हैं। कई मकान खतरे की जद में हैं।
उधर, थल-मुनस्यारी मार्ग पर बेटुलीधार के पास 30 मीटर सड़क बह गई है। सड़क बंद होने से 100 पर्यटक सड़क पर फंसे रहे। बेटुलीधार में सड़क इस कदर दरकी है कि पैदल जाने के लिए भी रास्ता नहीं बचा है। वाहनों को मदकोट-जौलजीबी होते हुए जाना पड़ रहा है। सड़क बनने में कम से कम 15 दिन का समय लगेगा। वहीं, मुनस्यारी-मदकोट-जौलजीबी सड़क घिंघरानी के पास चार घंटे तक बंद रही। पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच फुलतड़ी के पास दो घंटे बंद रहा। थल-मुनस्यारी सड़क नाचनी के पास दो घंटे बंद रही। हरड़िया के पास रामगंगा में बनी अस्थायी झील का दायरा बढ़ गया है।
झील आधा किमी लंबी हो गई है। हरड़िया नाले का मलबा पटने से भैंसखाल ग्राम पंचायत के सीमार तोक की 20 नाली जमीन दलदल में तब्दील हो गई है। वहीं, मुनस्यारी की 33 केवी की बिजली की लाइन का एक पोल गिर गया, जिससे मुनस्यारी में शुक्रवार रात एक बजे से बिजली नहीं है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में बागेश्वर जिले के कुछ हिस्सों में हल्की, भारी बारिश की चेतावनी दी है। कपकोट में पहाड़ी से पत्थर, मलबा गिरने से लीती-गोगिना सड़क एक सप्ताह से बंद पड़ी है। अल्मोड़ा से मिली जानकारी के मुताबिक सेराघाट में मलबा आने से अल्मोड़ा-बेड़ीनाग सड़क करीब चार घंटे बंद रही।
Published By : Nirmala Suyal