उत्तराखंड के नंदप्रयाग में बादल फटा, घरों में घुसा मलबा
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उधर नंदप्रयाग के मंगरौली गांव में चट्टान के ऊपर बादल फटने से गांव में भारी पानी और मलबा आने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मची है।
जिले के विभिन्न हिस्सों में रात आठ बजे से शुरू हुई भारी बारिश घाट ब्लाक पर आफत बनकर बरसी है। सेमा गांव के ऊपर इन दिनों सड़क का निर्माण चल रहा है।
मलबे में दबे दो मकान
भारी बारिश से सड़क का मलबा गांव में आ गया। गांव में दो मकान मलबे में दब गए।
इनमें एक घर में तीन लोग मौजूद बताए जा रहे थे। अभी उनके बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं हो सकी है।
बताया गया है कि एक अन्य मकान में भी मलबा घुस गया था लेकिन इसे पहले खाली करा लिया गया था।
पुल बहने से दूसरे दिन भी फंसे रहे हजारों
धारचूला में ग्लेशियर टूटने से सुमदुम नाले पर बने दोनों पुल बह जाने से लोगों की आवाजाही दूसरे दिन भी नहीं हो पाई।
अब लोग इस नाले के ऊपर रस्सियां डालकर आने-जाने का इंतजाम कर रहे हैं। प्रशासन इतनी जल्दी पुल का निर्माण करा पाने की स्थिति में नहीं है।
सुमदुम, कर्तो, उमचिया, गम के साथ साथ दर और बौंगलिंग गांव के लोगों को भी आवाजाही में परेशानी होने लगी है।
लगातार बढ़ रहा नाले का प्रवाह
यदि जरूरी काम से किसी को धारचूला आना हो तो उसे जंगल का रास्ता पकड़ना होगा। इस फेर में लोगों को कम से कम 15 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा।
सुमदुम नाले का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है। सुमदुम के ऊपरी हिस्से में स्थित ग्लेशियर टूटने से गुरुवार को इस नाले का प्रवाह बढ़ गया था। गुरुवार रात क्षेत्र में बारिश हुई थी।
इस कारण नदी, नाले उफन रहे हैं। प्रशासन सुमदुम पुल बहने के कारण आफत में फंसे लोगों की मदद के लिए कोई रास्ता निकालने की तैयारी में है।
अस्थायी पुल के निर्माण की मांग
उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेज रखा है। साथ ही लोनिवि से कहा गया है कि वह जल्दी से अस्थायी पुल तैयार करने की तैयारी करे।
इस सारी प्रक्रिया में कितना समय लगेगा, कहा नहीं जा सकता।
इधर, भाकपा माले जिला सचिव जगत मर्तोलिया ने मांग की है कि तत्काल अस्थायी पुल का निर्माण किया जाए। उन्होंने इस समस्या पर जिलाधिकारी से भी मुलाकात की।