उत्तराखंड में कई जगह फटा बादल, जमींदोज हुए घर
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अभी केवल एक महिला को सुरक्षित निकाला गया है। कई और ग्रामीणों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। मलबे में कई मकान दब गए। राहत बचाव कार्य जोर-शोर से चल रहा है।
कोटद्वार में गुरुवार को जमकर बारिश हुई, जिससे जहां की नदियां उफान पर हैं, वहीं मौसम सुहावना होने से लोगों को राहत मिली है। रामगंगा बांध के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। बांध का जलस्तर 355.570 मीटर के पार हो गया है।
देवप्रयाग में भी कई जगह बादल फटा
इसके साथ ही देवप्रयाग में भी कई जगह बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। देवप्रयाग के मरोड़ा और बौंठा में बादल फटने से गांव आठ मकान ध्वस्त हो गए हैं।
दोनों गांव में बादल फटने की घटना से गांव के लोग फंस गए हैं। इस घटना से क्षेत्र की सै़कडों नाली कृषि भूमि भी बह गई है। आपको बता दें कि देवप्रयाग क्षेत्र में गुरुवार रात 10 बजे से मूसलाधार बारिश जारी है।
उधर, बारिश से ऋषिकेश बदरीनाथ राष्ट्रीय राज मार्ग लगभग 50 मीटर अलकनंदा में समा गया है। जिससे राहत और खाद्य सामग्री आगे नहीं पहुंच पा रही है।
देवप्रयाग के धरमपुर गांव बारिश से पैदा हो रहे खतरे को देखते हुए गांव के सभी लोगों ने अपने घर छोड़ दिए हैं, लेकिन सड़के और मार्ग ध्वस्त होने की वजह से प्रशासन लोगों की मदद करने में असमर्थ है।
स्थानीय नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा
बुधवार शाम से क्षेत्र में पूरी रात जमकर बारिश हो रही है। बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, वहीं स्थानीय नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है।
कालागढ़ में सूखा स्रोत, मैग्जीन स्रोत, मीरास्रोत, चौड़ा स्रोत, धारा नदी उफान पर है। स्थानीय नदियों व नालों का पानी पुराना कालागढ़ होकर रामगंगा नदी में जा रहा है।
पुराना कालागढ़ में नई बस्ती के चारों ओर पानी जमा हो रहा है। इसके अलावा मुख्य मार्ग और रामगंगा बांध को जाने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर जलभराव हो गया है। इस वजह से राहगीरों को परेशानी का सामना करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
रामगंगा बांध के जलस्तर में तेजी से वृद्धि
उधर, पर्वतीय क्षेत्र में निरंतर बारिश से रामगंगा बांध के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने लगी है। अधिशासी अभियंता ज्ञान सिंह का कहना है कि बीती रात कालागढ़ क्षेत्र में 67 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है।
वार को दोपहर दो बजे बांध के जलाशय का जलस्तर 355.570 मीटर रिकार्ड किया गया। कैचमेंट से बांध में 1100 क्यूसेक पानी आ रहा है जिससे अभी पानी की निकासी नहीं की जाएगी।
चमोली में अभी भी 32 संपर्क मार्ग अवरुद्ध
चमोली जिले में बारिश से 32 संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं। वहीं निजमुला क्षेत्र के पाणा-ईराणी और झींझी क्षेत्रों में पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त होने से लोगों को जंगलों के रास्ते और गदेरे पार कर गुजरना पड़ रहा है।
वहीं घोड़े-खच्चरों से भी रसद सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं।