बच्चों की गवाही पर मां के हत्यारे पिता को उम्रकैद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पत्नी की हत्या के मामले में दो बच्चों की गवाही पर दोषी पति को शुक्रवार को उम्रकैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
30 जून 2015 को ग्राम परेवावेश्य जहानाबाद, पीलीभीत (यूपी) निवासी राशिद ने बनभूलपुरा (हल्द्वानी) थाने में तहरीर देकर कहा था कि उन्होंने अपनी बहन नरगिस का विवाह लगभग एक दशक पहले परेवावेश्य गांव निवासी नासिर उर्फ गुड्डू से किया था।
विवाह के बाद नासिर पत्नी नरगिस समेत बनभूलपुरा में रहने लगा। 30 जून 2015 को नासिर ने अपनी पत्नी नरगिस की हत्या कर दी। रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ समय बाद पुलिस ने आरोपी नासिर को गिरफ्तार कर लिया, जिसे न्यायालय के निर्देश पर जेल भेज दिया गया था।
बीती तीन अप्रैल को मामले में हुई सुनवाई के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में नासिर पर पत्नी नरगिस की हत्या का जुर्म साबित हो गया। शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी ने पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पति को आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
बच्चों का अदालत में बयान
न्यायाधीश ने कहा कि यदि अभियुक्त जुर्माने की रकम अदा नहीं करेगा तो उसे दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने 15 गवाह पेश किए थे।
बनभूलपुरा निवासी नरगिस की हत्या के मामले में प्रत्यक्षदर्शी रहे उसके दोनों बच्चे क्रमश: गुलशन (8) और साबिर (11) को अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में साक्षी के रूप में बतौर गवाह पेश किया गया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों ने न्यायालय को बताया था कि हत्या वाले दिन वह मम्मी-पापा (नरगिस और नासिर) के साथ नुमाइश देखने गए थे। नुमाइश से मम्मी ने सामान खरीदा था।
घर लौटने पर पापा ने मम्मी से झगड़ा किया और उसी रात उनके पिता ने मां के मुंह में कपड़ा डालकर लोहे की छड़ से मार डाला था। बच्चों ने बताया कि जब उन्होंने हल्ला करना चाहा तो पिता ने उन्हें भी डरा धमकाकर चुप करा दिया था।