चारधाम यात्रा: बढ़ेगा वाहनों का किराया, परिवहन मंत्री ने की ट्रांसपोर्टरों और विभाग के साथ बैठक
बैठक में कई एसोसिएशन ने यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को शौचालय, पानी, मेडिकल आदि की सुविधाओं की मांग रखी। परिवहन मंत्री ने आदेश दिए कि जितने भी चेकपोस्ट परिवहन विभाग चलाएगा, उन सभी पर यह सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले किराए में बढ़ोतरी होगी। इसके लिए परिवहन मंत्री ने परिवहन आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के विरोध के चलते मंत्री ने 31 दिसंबर 2018 से पुराने वाहनों में जीपीएस लगाने के आदेशों पर रोक लगा दी है।
बुधवार को सहस्त्रधारा रोड स्थित परिवहन मुख्यालय में परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने चारधाम यात्रा तैयारियों को लेकर बैठक ली। बैठक में प्रदेशभर के सभी संभाग के परिवहन अधिकारी, विभिन्न ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में परिवहन कारोबारियों ने 25 मार्च को जारी हुए पुराने वाहनों के जीपीएस आदेश पर विरोध जताया तो परिवहन मंत्री ने इस आदेश पर रोक लगा दी। इस आदेश में 31 दिसंबर 2018 से पूर्व के वाहनों में जीपीएस 20 अप्रैल से अनिवार्य किया गया था।
ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने कहा कि डीजल के लगातार बढ़ते दामों के बीच उन्हें वाहन संचालन बहुत महंगा पड़ रहा है। हालात यह हैं कि रोडवेज की बसों का किराया ज्यादा है और उनका कम है। इस पर परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने परिवहन आयुक्त को निर्देश दिए कि किराया बढ़ोतरी को बनी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट जल्द मंगाकर राज्य परिवहन प्राधिकरण(एसटीए) की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही किराया बढ़ोतरी को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता करेंगे। एक बीच का रास्ता निकालेंगे ताकि यात्रियों पर भी बोझ न पड़े और वाहन स्वामियों को भी नुकसान न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व ही किराया बढ़ोतरी की जाएगी। बैठक में परिवहन आयुक्त रणबीर सिंह चौहान, उपायुक्त एसके सिंह, सुधांशु गर्ग सहित सभी आरटीओ, एआरटीओ व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रोडवेज की बसें भी लगाएंगे
चारधाम यात्रा में बसों की किल्लत से निपटने के लिए रोडवेज को भी 50 बसें रिजर्व में रखने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने बताया कि जरूरत पड़ने पर केमू की बसों को भी चारधाम यात्रा में लगाया जाएगा।
ट्रिपकार्ड के लिए पर्यटन के साथ बैठक
बैठक में परिवहन कारोबारियों ने ट्रिपकार्ड को लेकर सवाल उठाए। इसमें आशंका जताई गई कि ऑनलाइन पंजीकरण कराने और इधर ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया के चलते डबल एंट्री हो सकती है। उन्होंने मंत्री से मांग की कि ऑनलाइन ट्रिप कार्ड को बंद किया जाए और पूर्व की भांति मैन्यूअल एंट्री की जाए। परिवहन मंत्री ने कहा कि वह ट्रिप कार्ड को लेकर जल्द ही पर्यटन विभाग के साथ बैठक करेंगे। कोई ऐसा रास्ता निकाला जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को परेशानी न हो।
पूरे साल चलेगा एक बार बना हुआ ग्रीन कार्ड
परिवहन मंत्री ने कहा कि ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के लिए एक बार ग्रीन कार्ड बनने पर वह नवंबर माह तक वैध रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो परिवहन व्यासवसायियों की मदद के तहत वह सालभर के लिए इस ग्रीन कार्ड को वैध कर देंगे।
जाम से बचाने को सभी जिले मिलकर करेंगे काम
परिवहन मंत्री चंदन रामदास ने बताया कि वाहनों की भारी संख्या में आने और इससे जाम की स्थिति से निपटने के लिए सभी जिलों के बीच समन्वय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर हरिद्वार में ही जाम की स्थिति हो जाएगी तो आगे आने वाले पर्वतीय जिलों में हालात खराब हो सकते हैं। लिहाजा, सभी जिलों के पुलिस-प्रशासन के समन्वय के साथ यातायात पर खास काम किया जाएगा। जल्द ही वह पौड़ी में बैठक बुलाने जा रहे हैं, जिनमें गढ़वाल आयुक्त के साथ ही सभी अधिकारी शामिल होकर जाम से निपटने का प्लान तैयार करेंगे।
परिवहन एसोसिएशन की बैठक में ये हुए शामिल
केएमओयू के सुरेश डसीला, हिम्मत सिंह, पीडी मिश्रा, रूपकुंड सहकारी समिति के पीएस भंडारी, सुधीर राय, दून वैली ट्रैवलर्स के एसके जैन, दून वैली कांट्रेक्ट कैरेज एसोसिएशन, जीएमओयू लिमिटेड, जीएमबीएसएस, चारधाम यातायात कंपनी, देहरादून स्टेज कैरेज वेलफेयर एसोसिएशन, दून टैंपो ट्रैवलर्स एसोसिएशन, सिटी बस यूनियन, दून टाटा सूमो ऑनर्स एसोसिएशन, देहरादून ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन, ऑल इंडिया ट्रक ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए।