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Chardham Yatra: चारधाम यात्रा पर रोक हटी, चुनौतियां बरकरार...चट्टान गिरने व भूस्खलन का बना है खतरा

Mon, 30 Jun 2025 08:46 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 30 Jun 2025 08:46 PM IST
सार

Chardham Yatra 2025: चारधाम यात्रा पर चौबीस घंटे का प्रतिबंध हटा लिया गया है। यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रति सरकार गंभीर है।

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Chardham Yatra 2025 Resumes but challenges remain there is a danger of rock fall and landslide
केदारनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश सरकार ने भारी बारिश के रेड अलर्ट के चलते चारधाम यात्रा पर लगी रोक को सोमवार सुबह हटा दिया है। अब मौसम की स्थिति के अनुसार जिलाधिकारियों को यात्रा पर निर्णय लेने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

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चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन की रिपोर्ट के अनुसार चारधाम व हेमकुंड साहिब में 19 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। जबकि 2684 श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण कराया।
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आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे ने बताया कि चारधाम यात्रा पर चौबीस घंटे का प्रतिबंध हटा लिया गया है। यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के प्रति सरकार गंभीर है। चारधाम यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले जिलों के डीएम को अपने-अपने क्षेत्र में मौसम की स्थिति के आधार पर वाहनों की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
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पर्यटन विभाग की ओर से सोमवार को हरिद्वार, हरर्बटपुर, ऋषिकेश में 2684 तीर्थयात्रियों का ऑफलाइन पंजीकरण कराया गया है। जबकि कुल पंजीकरण का आंकड़ा 46 लाख के पार हो चुका है। यात्रा पर रोक हटने के बाद 30 जून को शाम सात बजे तक 19170 श्रद्धालुओं ने चारधाम व हेमकुंड साहिब में दर्शन किए हैं।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, प्रदेश सरकार ने यात्रा में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा शुरू करें। मानसून सीजन में भूस्खलन का खतरा रहता है। सरकार की ओर से श्रद्धालुओं की हरसंभव सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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