चारधाम यात्रा 2021: रिमझिम बारिश में भी दर्शन को पहुंच रहे तीर्थयात्री, 15 अक्तूबर तक बदरीनाथ यात्रा का स्लॉट फुल
Chardham Yatra 2021: देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बदरीनाथ धाम में आने के लिए ई-पास जरूरी है। इसके तहत 15 अक्तूबर तक बदरीनाथ धाम के लिए स्लॉट फुल हो चुका है।
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गुरुवार को रिमझिम बारिश के बाद भी चारों धामों में तीर्थयात्रियों की भीड़ जुटी रही। बदरीनाथ धाम में शाम साढ़े छह बजे तक करीब 630 यात्रियों ने भगवान बदरीविशाल के दर्शन किए। वहीं केदारनाथ में 623, यमुनोत्री में 400 और गंगोत्री धाम में 246 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि बदरीनाथ धाम में आने के लिए ई-पास जरूरी है। इसके तहत 15 अक्तूबर तक बदरीनाथ धाम के लिए स्लॉट फुल हो चुका है और 25000 यात्रियों को ई-पास जारी हो चुके हैं। उधर, बृहस्पतिवार को यमुनोत्री धाम में 400 व गंगोत्री 246 तीर्थयात्री पहुंचे। यमुनोत्री धाम में निर्धारित संख्या से अधिक तीर्थयात्रियों के पहुंचने पर पुलिस ने जानकीचट्टी में बैरियर लगाकर यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर रह कर शुक्रवार को धाम जाने की सलाह दी।
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15 अक्तूबर तक बदरीनाथ धाम के लिए स्लॉट फुल
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि कोर्ट के आदेश और शासन से जारी एसओपी के अनुसार प्रतिदिन बदरीनाथ धाम में 1000 यात्री ही दर्शन कर सकते हैं। बदरीनाथ धाम में आने के लिए ई-पास जरूरी है। इसके तहत 15 अक्तूबर तक बदरीनाथ धाम के लिए स्लॉट फुल हो चुका है और 25000 यात्रियों को ई-पास जारी हो चुके हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या और उनकी सुविधा को देखते हुए जल्द ही इस मामले में शासन स्तर पर विचार विमर्श किया जाएगा।
ई-पास नहीं होने पर पांडुकेश्वर से लौटाए जा रहे यात्री
लंबे इंतजार के बाद चारधाम यात्रा भले ही शुरू हो गई हो, लेकिन सख्त नियम कई यात्रियों को बदरीनाथ के निकट पहुंचने के बावजूद धाम में पहुंचने से रोक रहे हैं। इसके चलते हर दिन कई यात्रियों को पांडुकेश्वर से लौटना पड़ रहा है। चारधाम यात्रा के लिए कोविड गाइडलाइन के तहत कोविड नेगिटिव रिपोर्ट या कोविड के दोनों टीके लगे होना जरूरी है। साथ ही उनको देवस्थानम बोर्ड की ओर से जारी ई पास भी जरूरी है, जिसके पास यह सब होगा वही बदरीनाथ धाम पहुंच सकता है। धाम में एक दिन में निश्चित संख्या में ही यात्री जा सकते हैं। ऐसे में कई श्रद्धालु बिना ई-पास के पहुंच रहे हैं, जिन्हें पांडुकेश्वर से ही लौटा दिया जा रहा है। बदरीनाथ धाम के व्यवसायी राहुल मेहता, रामनारायण भंडारी, अतुल शर्मा आदि का कहना है कि सीमित संख्या में यात्रियों के आने से व्यवसाय में तेजी नहीं आ रही है।
चारधाम यात्रा में ई-पास की अनिवार्यता को खत्म करें
भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल ने दून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर चारधाम यात्रा में ई-पास की अनिवार्यता को खत्म करने और प्रतिदिन दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उन्होंने सीएम को सौंपे ज्ञापन में जगह-जगह देवस्थानम बोर्ड के बुकिंग काउंटर खोलने सहित अन्य समस्याओं के निराकरण पर भी जोर दिया।
कहा कि यात्रा को सुगम बनाने के लिए केदारनाथ में 2500, बदरीनाथ में 3000, गंगोत्री में 1500 व यमुनोत्री में 1200 श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएं। उन्होंने सीएम से आग्रह किया है कि केदारनाथ यात्रा में जो यात्री ई-पास या रजिस्ट्रेशन से वंचित रह रहे हैं या उनके ई-पास में खामियां हैं, उन्हें लौटाने के बजाए त्रिजुगीनारायण, गौरीकुंड गौरी माई, गुप्तकाशी काशी विश्वनाथ मंदिर, कालीमठ व ऊखीमठ-तुंगनाथ दर्शन की अनुमति दी जाए। इस व्यवस्था से स्थानीय कारोबार को गति मिलेगी। उन्होंने केदारनाथ हेली सेवा के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्व की भांति करने, राशन डीलरों का पुराना किराया भुगतान करने, मनरेगा कर्मियों का तीन माह से रुका वेतन भुगतान सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समान कार्य का समान वेतन देने की मांग भी की।
दर्शनार्थियों व ई-पास की संख्या बढ़ाई जाए
केदारनाथ की पूर्व विधायक शैलारानी रावत ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को ज्ञापन भेजकर चारधाम यात्रा में प्रतिदिन दर्शनार्थियों व ई-पास की संख्या बढ़ाने की मांग की है। कहा है कि कोरोनाकाल के चलते इस वर्ष कपाटोद्घाटन के साढ़े चार माह बाद यात्रा शुरू हुई है, लेकिन चारधाम में सीमित संख्या के चलते कई यात्री दर्शनों से वंचित हो रहे हैं। साथ ही कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। इसलिए सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए यात्रा में प्रतिदिन दर्शनार्थियों की संख्या व ई-पास बढ़ाए जाएं।
तीर्थनगरी ऋषिकेश से 246 यात्री चारधाम हुए रवाना
ऋषिकेश से 246 यात्रियों को लेकर टीजीएमओ (टिहरी गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स यूनियन) की चार बसें चारधाम रवाना हुई। चार बसों से 146 यात्री चारधाम को रवाना हुए। वहीं हरिद्वार से बदरीनाथ जाने वाली विश्वनाथ की दो बसों से 40 सवारी रवाना हुए। हरिद्वार से गौरीकुंड जाने वाली बस से भी 20 सवारी रवाना हुए। टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने बताया कि चारधाम यात्रा पर जाने की औपचारिकता ज्यादा और यात्रियों को तय समय पर दर्शन करने की तारीख न मिलने पर यात्रियों कम संख्या में आ रहे हैं।
वहीं ऋषिकेश से बदरीनाथ जाने वाली रोडवेज की बस में 21 सवारी रवाना हुए। सोनप्रयाग जाने वाली बस में भी 19 यात्री केदारनाथ के लिए रवाना हुए। रोडवेज के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी हरेंद्र कुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में बदरीनाथ मार्ग पर यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा। वहीं ऋषिकेश से 275 सिख यात्रियों का दल हेमकुंड साहिब के दर्शनों के लिए रवाना हुआ। श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा ऋषिकेेश के प्रबंधक सरदार दर्शन सिंह ने बताया कि अब यात्रियों की संख्या में दिनोंदिन इजाफा हो रहा है।
72 वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए
चारधाम की यात्रा पर जाने के लिए 72 वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए गए। सुबह से ही एआटीओ कार्यालय में ग्रीन कार्ड बनवाने वालों की भीड़ लगी रही। एआरटीओ (प्रवर्तन) पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि जैसे जैसे चारधाम की यात्रा पर ज्यादा यात्री आ रहे हैं वैसे-वैसे ग्रीन कार्ड बनने की संख्या में इजाफा हो रहा है। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से शहर और आसपास के क्षेत्रों अभियान चलाया गया। जांच के दौरान दो निजी वाहनों को पकड़ा। इन वाहनों का कामर्शियल प्रयोग किया जा रहा था, दोनों को सीज कर दिया गया। वहीं 15 वाहनों का चालान किया गया।