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चारधाम यात्रा 2021: महाभिषेक पूजा के बाद बदरीनाथ धाम में गणेश मंदिर के कपाट हुए बंद
Tue, 16 Nov 2021 02:56 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज ऐजेंसी, जोशीमठ
संवाद न्यूज ऐजेंसी, जोशीमठ
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 16 Nov 2021 02:56 PM IST
सार
Chardham yatra 2021: मंगलवार को गणेश मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। 17 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर में और 18 को खडग पुस्तक का पूजन होगा।
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बदरीनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
पंच पूजाओं के साथ बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया आज मंगलवार से शुरू हो गई है। भगवान बदरी विशाल के अभिषेक के बाद मंदिर परिसर में स्थित गणेश मंदिर को विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ शीतकाल में छह माह के लिए बंद कर दिया गया। इसके बाद 20 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
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मंगलवार को सुबह पांच बजे से बदरीनाथ धाम की महाभिषेक पूजा शुरू हुई। बदरीनाथ धाम की विभिन्न पूजाएं संपन्न होने के बाद बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वर प्रसाद नंबूदरी और धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने वेदपाठियों की मौजूदगी में विधि-विधान से हनुमान मंदिर के समीप स्थित भगवान गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की।
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गणेश भगवान की चल विग्रह प्रतिमा को बदरीश पंचायत (बदरीनाथ गर्भगृह) में भगवान बदरीनाथ के समीप स्थापित किया गया। इसके बाद शीतकाल के लिए गणेश मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। 17 नवंबर को बदरीनाथ धाम परिसर में स्थित भगवान आदिकेदारेश्वर को चावल का भोग लगाकर पूजा-अर्चना के बाद आदिकेदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
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18 को खडग पुस्तक बंद होने के बाद बदरीनाथ मंडप में वेद ऋचाओं का वाचन भी बंद हो जाएगा। 19 को लक्ष्मी पूजन के साथ माता लक्ष्मी को शीतकाल में भगवान बदरीनाथ के गर्भगृह में स्थापित कर दिया जाएगा। इसके बाद 20 नवंबर को शाम 6 बजकर 45 मिनट पर भगवान बदरीनाथ के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
अभी तक 1,79235तीर्थयात्रियों ने किए बदरीनाथ के दर्शन
बदरीनाथ में अभी तक 1,79235 तीर्थयात्री भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर चुके हैं। बदरीनाथ धाम में अब कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है।