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Chardham Yatra 2020 : भगवान बदरीविशाल की गाड़ू घड़ा यात्रा लक्ष्मी नारायण मंदिर से जोशीमठ के लिए हुई रवाना
Tue, 12 May 2020 01:59 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, कर्णप्रयाग
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, कर्णप्रयाग
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 12 May 2020 01:59 PM IST
सार
- गाड़ू घड़ा अभिषेक तेल कलश यात्रा डिम्मर गांव से जोशीमठ के लिए हुई रवाना
- भक्तों ने पुष्प वर्षा कर किया यात्रा का अभिनंदन
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यात्रा डिम्मर गांव के लक्ष्मी नारायण मंदिर से जोशीमठ के लिए रवाना हो गई
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
भगवान बदरीविशाल की गाड़ू घड़ा (अभिषेक तेल कलश) यात्रा मंगलवार को डिम्मर गांव के लक्ष्मी नारायण मंदिर से जोशीमठ के लिए रवाना हो गई है। इस दौरान लक्ष्मी नारायण मंदिर में गाड़ू घड़ा तेल कलश की महाभिषेक पूजा की गई।
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गांव के लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए तेल कलश के दर्शन कर भगवान बदरीविशाल के जयकारे लगाये। तेल कलश यात्रा नरेंद्रनगर से छह मई को डिम्मर गांव पहुंची थी। इस दौरान छह दिनों तक लक्ष्मी नारायण मंदिर में गाड़ू घड़ा की पूजा-अर्चना हुई।
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मंगलवार को सुबह 10 बजे टटेश्वर महादेव मंदिर से होकर यात्रा कर्णप्रयाग, लंगासू, चमोली, पीपलकोटी होते हुए जोशीमठ के नृसिंह मंदिर के लिए विधि-विधान से रवाना हुई।
कलश यात्रा के साथ चल रहे अरूण डिमरी, इंद्रभूषण डिमरी, हरीश डिमरी, राकेश डिमरी ने बताया कि यात्रा 13 मई को जोशीमठ से आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के साथ योगध्यान मंदिर पांडुकेशर और वहां से 14 मई को यात्रा उद्धव व कुबेर जी, और शंकराचार्य की गद्दी सहित बदरीनाथ धाम पहुंचेगी।
15 मई को प्रातः की बेला पर 4.30 बजे बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने पर भगवान का अभिषेक किया जायेगा।