कोर्ट में पेशी को ले जाते समय चरस तस्कर पुलिस को चकमा देकर फरार, तीन पुलिस कर्मी निलंबित
- साढे़ पांच किलो चरस के साथ पकड़ा गया था नेपाली नागरिक
- नेपाल से चरस लाकर हरिद्वार-ऋषिकेश में बाबाओं को बेचता था
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विस्तार
भारत-नेपाल सीमा पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक नेपाली नागरिक को साढ़े पांच किलो चरस के साथ गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस की धारा 8/20 में मुकदमा दर्ज कर रविवार को कोर्ट में पेश करने चंपावत ले जाया जा रहा था, इस दौरान वह लघुशंका के बहाना कर जीप से उतरा और पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। जिसे सोमवार दोपहर तक नहीं पकड़ा जा सका। इस मामले में दरोगा सहित तीन पुलिस कर्मी निलंबित किए जा चुके हैं।
पुलिस क्षेत्राधिकारी बीसी पंत के नेतृत्व में थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान, शारदा बैराज चौकी प्रभारी एसआई गोविंद सिंह बिष्ट समेत अन्य पुलिस कर्मी शनिवार रात भारत-नेपाल सीमा पर चेकिंग अभियान पर थे। बेलबंद्ध गोठ के निकट नेपाल के चांदनी दोधारा वाले जंगली मार्ग पर संदिग्ध हालत में एक नेपाली को आता देख पुलिस टीम ने उसे रोक लिया।
उसने भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया। तलाशी में उसके पास साढ़े पांच किलो चरस बरामद हुई। सीओ ने बताया कि आरोपी ने अपना नाम गणेश बोरा बताया। वह नेपाल के बजांग जिले के ग्राम सुईल, जयपृथ्वी नगर पालिका वार्ड 11 का रहने वाला है।
पूछताछ में उसने नेपाल से चरस की तस्करी कर हरिद्वार और ऋषिकेश में कई आश्रमों में बाबाओं को बेचने की बात बताई। वह पहले भी नेपाल से भारत चरस लेकर आया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर रविवार को कोर्ट में पेश करनेले जाया जा रहा था, इसी दौरान वह लघुशंका का बहाना कर जीप से उतरा और पुलिस हिरासत से भाग निकला। मामले की जांच महिला एसआई राधिका भंडारी को सौंपी गई है।
लघुशंका के बहाना कर जीप से उतर जंगल की तरफ भागा
चरस तस्करी के आरोप में शनिवार रात पकड़े गए नेपाली को रविवार सुबह बनबसा पुलिस जिला न्यायालय ले जा रही थी। टनकपुर से करीब 9 किमी दूर बस्टिया के पास वह लघुशंका का बहाना कर जीप से उतर कर जंगल की ओर फरार हो गया। पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं।
बनबसा पुलिस ने शनिवार को बैलबंद्धगोठ के पास चेकिंग के दौरान नेपाल के बजांग जिले के आरोपी गणेश बोरा से साढ़े पांच किलो चरस पकड़ी थी। पुलिस रविवार को आरोपी को यात्री जीप में कोर्ट में पेश करने के लिए चंपावत ले जा रही थी। बस्टिया के पास आरोपी ने पुलिस से लघुशंका की बात कही।
इस पर पुलिस ने जीप रोककर जैसे ही उसे नीचे उतारा वह पुलिस को चकमा देकर वहां से जंगल की ओर से फरार हो गया। पुलिस उसके पीछे दौड़ी तो उसने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से पुलिस कर्मी हतप्रभ रह गए।
एसपी धीरेंद्र गुंज्याल का कहना है कि बनबसा, टनकपुर और चल्थी की पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं। खबर लिखे जाने तक आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका था। एसपी का कहना है कि आरोपी के खिलाफ अब पुलिस अभिरक्षा से फरार होने का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। साथ ही चरस तस्कर को ले जा रही दरोगा राधिका भंडारी और कांस्टेबल कपूर पाल व भवान सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी पुलिस अभिरक्षा से भागे हैं कैदी
आरोपियों को अदालत में लाते वक्त फरार होने की यह चंपावत जिले की पहली वारदात नहीं है। इससे पूर्व 2005 में टिपन टॉप से भी एक आरोपी कोर्ट लाते वक्त पुलिस कर्मियों को गच्चा देकर भाग गया था। इसके अलावा 2004 में लोहाघाट न्यायिक बंदीगृह से दो विचाराधीन कैदी फरार हुए थे जिन्हें बाद में दबोच लिया गया था।