उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में आपका नाम दिलाएगा काम
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नाम पूछने पर लोगों को अक्सर कहते-सुना है कि नाम में क्या रखा है। लेकिन उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में अंक बराबर होने पर चयन में नाम ही काम आएगा।
अधिक उम्र का अनुभव भी यहां आपका साथ देगा। संबंधित पद की सेवा नियमावली में स्पष्ट उल्लेख नहीं होने पर समान अंकों के अभ्यर्थियों के चयन के मामले में आयोग यही नाम और उम्र का तरीका अब अपनाएगा।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग परीक्षा परिणाम नियमावली-2012 में संशोधन किया गया है। आयोग के अनुसार संशोधित सेवा नियमावली के अनुसार ही अंतिम चयन तैयार किया जाएगा। लेकिन जिस विभाग की भर्ती प्रक्रिया का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, वहां दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने पर उम्र एवं नाम के आधार पर चयन का तरीका अपनाया जाएगा।
यह सीधी भर्ती के पदों पर लिखित एवं साक्षात्कार दोनों पर लागू होगा। इसमें अंग्रेजी वर्णमाला में पहले अक्षर के नाम वाले अभ्यर्थियों को फायदा मिलेगा। जबकि वर्णमाला के मुताबिक जिनके नाम बाद में आते हैं उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। यही स्थिति उम्र को लेकर भी है। अधिक उम्र वाले फायदे में रहेंगे।
लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार
लिखित परीक्षा के दौरान दो या अधिक अभ्यर्थियों के अंक बराबर हैं तो अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी को मेरिट लिस्ट में ऊपर रखा जाएगा। यदि उम्र भी बराबर है तो अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम में पहले नाम आने वाले को मेरिट लिस्ट में पहले रखा जाएगा। साक्षात्कार में भी समान अंक होने पर यही तरीका अपनाया जाएगा।
अंकों का जोड़ बराबर होने पर
लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार में दोनों के अंक जोड़ने पर यदि दो या अधिक अभ्यर्थियों के अंक समान होते हैं तो लिखित परीक्षा में अधिक प्राप्तांक वाले अभ्यर्थी को मेरिट लिस्ट में पहले रखा जाएगा।
लेकिन यदि लिखित परीक्षा में भी बराबर अंक आते हैं तो अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। उम्र समान होने पर अंग्रेजी वर्णमाला में पहले नाम आने वाले को ऊपर रखा जाएगा।