सीबीआई ने रंगे हाथ घूस लेते दबोचा अकाउंटेंट
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राजधानी देहरादून में सीबीआई ने सोमवार को छावनी परिषद गढ़ी के अकाउंटेंट मैनपाल को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दोबाचा है।
कर्मचारियों के फंड जारी करने की एवज में रिश्वत लेने का आरोप अकाउंटेंट पर है। सीबीआई लंबे समय से कर्मचारी पर नजर रखे हुए थी। जांच एजेंसी की टीम ने बोर्ड कार्यालय और आरोपी के आवास पर भी छापे मारे हैं।
मैनपाल के अलावा एक अन्य कर्मचारी भी शक के दायरे में हैं। सीबीआई की जांच अकाउंटेंट की अर्जित संपत्ति के साथ उसके बड़े अधिकारियों से मिलीभगत होने की दिशा में बढ़ा रही है।
छावनी परिषद गढ़ी कैंट से दो माह पूर्व रिटायर हुए एक कर्मचारी (सफाई नायक) के फंड को जारी करने के लिए अकाउंटेंट मैनपाल बीस हजार रिश्वत मांग रहा था।
रंगे हाथ दबोच लिया
जब फंड जारी नहीं हुआ तो रिटायर कर्मचारी के बेटे सचिन ने सीबीआई में शिकायत दी, जिसपर पांच हजार रुपये सचिन ने मैनपाल को रविवार को थमाए और अगली पांच हजार की किस्त आफिस में देने का आश्वासन दिया।
सीबीआई ने कैमिकल पाउडर से लगे नोट लेकर सचिन को भेजे जिन्हें लेते ही पहले से तैयार बैठी टीम ने कार्यालय में दबिश देकर रंगे हाथ दबोच लिया।
दबिश के समय बोर्ड की सीईओ विभा शर्मा मौजूद नहीं थी, जिन्हें सीबीआई ने सूचना देकर बुलाया। देर रात तक बोर्ड के कर्मचारियों को सीबीआई ने कार्यालय में रोके रखा। बताया जा रहा है कि पुराने पेंशन, नियुक्तियों सहित बिल भुगतान के रिकार्ड सीबीआई ने खंगाल कर कब्जे में लिये हैं।
सीसीटीवी से मिला सुराग तो माना मैनपाल
सीबीआई की टीम ने जब मैनपाल को दबोचा तो उसके पास से राशि नहीं मिली। सीबीआई ने मैनपाल के कमरे के आसपास घूम रहे कुछ अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की। नोट पर लगे कैमिकल पाउडर के निशान तो मिले लेकिन कई घंटे नोट तलाशने में लग गए।
आखिर कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज में शिकायतकर्ता से नोट लेते मैनपाल का वीडियो मिल गया। आखिर सीबीआई ने मैनपाल की कार तलाशी जिसमें रिश्वत केपैसे मिले। जिसके चलते एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से पूछताछ की गई।
किससे जुड़े हैं मैनपाल के तार
सूत्रों की माने तो सीबीआई अपनी जांच में मैनपाल से कुछ अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के तार जुड़े होने की और बढ़ा रही है। मैनपाल ने शिकायकर्ता से रिश्वत मांगते समय कहा था कि उसे ऊपर बैठे अधिकारियों को पैसे देने पड़ते हैं।
जांच एजेंसी की दो टीमों ने अकाउंटेंट के आवास और एक अन्य जगह दबिश दी। अकाउंटेंट के पास कई जगह संपत्तियां है। दो टीमों ने संपत्ति और बैंक खातों से संबंधित रिकार्ड के अलावा कुछ अन्य दस्तावेज सीबीआई ने सील किये हैं। सीबीआई ने मैनपाल से कई घंटे तक बोर्ड कार्यालय में पूछताछ की। उसके विभाग के अन्य कर्मचारियों पर भी जांच एजेंसी को शक है।