फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   CBCID inquiry of stf personnel anant yadav.

सिपाही हत्याकांडः सीबीसीआईडी जांच से पुलिस को झटका

Thu, 14 Apr 2016 06:15 AM IST
राकेश शर्मा/अमर उजाला, देहरादून
राकेश शर्मा/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 14 Apr 2016 06:15 AM IST
सार

  • पुलिस कहानी के कई झोल बन सकते है फांस
  • एसटीएफ सिपाही अनंत यादव की हत्या का मामला
  • सरकारी पिस्टल से गोली लगने पर उठे रहे है सवाल

विज्ञापन
CBCID inquiry of stf personnel anant yadav.
शहीद अनंत यादव को आखिरी विदाई - फोटो : file photo

विस्तार

विज्ञापन

उत्तरकाशी में एसटीएफ के सिपाही अनंत कुमार यादव की हत्या की जांच सीबीसीआईडी को स्थानांतरित होने से पुलिस को जोर का झटका धीरे से लगा है। मुठभेड़ की पुलिस कहानी पर सवाल उठने के बाद भी पूरे मामले पर लीपापोती का खेल चलता रहा।

राज्यपाल की सलाहकार परिषद के इस फैसले से दूध का दूध और पानी का पानी होने की उम्मीद जताई जा रही है। इलाके के ग्रामीणों की मानें तो जवान की मौत एसटीएफ की आपस की फायरिंग से हुई है।
विज्ञापन


उत्तरकाशी इलाके में छह अप्रैल की रात को तस्करों से मुठभेड़ में एसटीएफ के सिपाही अनंत कुमार यादव की हत्या में कई सवालों के जवाब मिलने अभी बाकी है। पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि यादव की मौत अपनी नाइन एमएम की सरकारी पिस्टल की गोली लगने से हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक जांबाज जवान की हत्या के मामले में अफसरों की बेरुखी पर सवाल उठ रहे थे। किसी ने आगे आकर मुठभेड़ की तस्वीर साफ करने की जरूरत भी महसूस नहीं की, जबकि छोटे-छोटे मामलों में होने वाला बखान किसी से छिपा नहीं है। पुलिस लिखा-पढ़ी में दर्शाया गया कि तस्कर सुंदर सिंह ने सरकारी पिस्टल छीनकर सिपाही को गोली मारी थी।

अभी ढूढ़ने होंगे इन सवालों के जवाब

CBCID inquiry of stf personnel anant yadav.
पु‌लिस - फोटो : अमर उजाला

घटना के समय अनंत के साथी सिपाही कहां थे, सिपाही को गोली मारकर पिस्टल लूटने वाला कैसे निकल गया। क्या पुलिस की तरफ से फायरिंग हुई थी या नहीं। इन सवालों का जवाब देने में न तो एसटीएफ और न ही पुलिस मुख्यालय में किसी तरह की दिलचस्पी दिखाई गई। इस कारण हत्या का राज गहराता चला गया।

घटना के बाद से इलाके के ग्रामीण पुलिस कहानी को झुठला रहे है। मंगलवार को जिलाधिकारी से मिलकर ग्रामीणों ने दो टूक कहा था कि सिपाही अनंत यादव की मौत आपस में चली गोली से हुई है। उन्हें बचाने के लिए बेकसूरों को बलि का बकरा बनाया गया है। पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठने लगी। मामले की गूंज शासन तक पहुंची।

बुधवार को राज्यपाल के सलाहकार परिषद की बैठक में सिपाही की हत्या की विवेचना पुलिस से लेकर सीबीसीआईडी के सुपुर्द कर दी गई। बड़ी बात यह है कि पुलिस मुख्यालय स्तर से इस मामले को लेकर किसी तरह की रिपोर्ट भी नहीं दी गई है। सीबीसीआईडी जांच में मुठभेड़ का पूरा सच सामने आने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed