रामनगर कांडः छात्र की मौत, होगी CBCID जांच
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रामनगर में पानी की टंकी पर आत्मदाह में बुरी तरह झुलसे रोहित उर्फ ललित पांडे ने सोमवार की देर रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। उधर, देहरादून में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस कांड की सीबीसीआईडी जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने किसी आशंकित बवाल को देखते हुए रामनगर को एहतियातन पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया।
रोहित की मौत के शोक में बुधवार को रामनगर और हल्द्वानी का बाजार बंद रहेगा। मौत की खबर सुनते ही कुमाऊं के कई डिग्री कॉलेज बंद हो गए। इस मामले में 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मौत से पहले दिल्ली पुलिस को दिया बयान
रोहित की मौत के पूर्व दिए गए बयान के आधार पर इस मामले में हत्या के प्रयास की धारा (307) हटा दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने नैनीताल पुलिस को बताया कि रोहित ने मृत्यु से पूर्व कहा था कि पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर उसने खुद को आग लगाई थी। एसएसपी ने इस कांड की विवेचना एसएसआई मल्लीताल नैनीताल इंदर सिंह राणा को सौंपी थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस मुकदमे से धारा 307 हटाने की तैयारी कर रही है। सीबीसीआईडी जांच के आदेश के बाद पुलिस ने मुकदमे की विवेचना जस की तस छोड़ दी है।
सीबीसीआईडी करेगी रामनगर कांड की जांच
रामनगर में एनएसयूआई नेता के आत्मदाह की घटना की जांच सीबीसीआईडी करेगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को इस बाबत आदेश दे दिए हैं। आत्मदाह करने वाले घायल छात्र नेता रोहित पांडेय का दिल्ली में उपचार के बाद निधन हो गया।
घटना में स्थानीय पुलिस की लापरवाही और संदिग्ध भूमिका को देखते हुए जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई है। सीएम ने छात्र नेता की मौत पर दुख जताते हुए आम जनता और छात्र संगठनों से अपील कर कानून व्यवस्था बनाए रखने में सभी का सहयोग मांगा है।
उन्होंने आश्वस्त किया है कि मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सीएम ने इससे पूर्व तीन सदस्यों की एक टीम भेजकर मामले की पड़ताल की थी जिसमें स्थानीय प्रशासन की शिथिलता उजागर हुई थी।
सैंकडों लोग खड़े रहे और लगा ली थी आग
रामनगर। चार नवंबर को एनएसयूआई के कालेज अध्यक्ष रोहित पांडे, युकां विधानसभा अध्यक्ष दीप गुणवंत, तनुज दुर्गापाल, गोधन फर्त्याल लखनपुर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। इन लोगों की मांग थी कि तत्कालीन कोतवाल आरके फर्स्वाण को बर्खास्त किया जाए। फर्स्वाण पर एनएसयूआई के पांच कार्यकर्ताओं पर छात्रसंघ चुनाव के दौरान हुई आगजनी का मुकदमा दर्ज करने का आरोप था।
टंकी पर चढ़े रोहित और उसके साथियों ने मांगें पूरी न होने पर आत्मदाह की चेतावनी भी दी थी। पूरा प्रशासन टंकी के नीचे खड़ा रहा। सैकड़ों लोग तमाशबीन रहे। पुलिस ने रोहित और उसके साथियों को उतारने के लिए टंकी पर चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन टंकी की सीढ़ियों पर बैठे लोगों ने पुलिस को चढ़ने नहीं दिया।
रोहित और उसके साथियों ने प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए केरोसिन डालकर कई बार आत्मदाह करने की धमकी भी दी। प्रशासन और पुलिस के अधिकारी आखिरी समय तक उनको समझाते रहे। अचानक रोहित पांडे ने खुद को आग के हवाले कर दिया।
आग लगते ही टंकी पर मौजूद रोहित के साथी और नीचे खड़े लोगों में अफरातफरी मच गई। पुलिस ने किसी तरह फायर ब्रिगेड की मदद से रोहित की आग बुझाई और उसे हल्द्वानी स्थित बृजलाल अस्पताल में भर्ती कराया। रोहित की हालत गंभीर होने पर उसे बृजलाल अस्पताल से दिल्ली सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। डाक्टरों के मुताबिक रोहित 55 फीसदी झुलस गया था।
सतपाल महाराज पीड़ित परिजनों से मिले
दिल्ली में पीड़ित परिजनों से मिलने के लिए भाजपा नेता सतपाल महाराज पहुंचे। एडीजी कानून व्यवस्था राम सिंह मीणा और डीआईजी जीएस मर्तोलिया रामनगर पहुंचे। एसएसपी और डीएम ने सुबह से वहां डेरा डाल लिया। पुलिस ने एहतियातन रामनगर को पुलिस छावनी में बदल दिया। रोहित का शव देर रात रामनगर पहुंचेगा। बुधवार सुबह रामनगर में ही अंत्येष्टि की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
हल्द्वानी। रामनगर कांड में आत्मदाह करने वाले एनएसयूआई के छात्र नेता ललित उर्फ रोहित पांडे की मौत पर मुख्यमंत्री हरीश रावत, वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश, विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य, श्रम मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल सहित तमाम कांग्रेसी नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।
कांग्रेस नेता रणजीत सिंह रावत ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल 12 नवंबर को रामनगर में रोहित पांडे के परिजनों से मिलेंगे।