कैट में फहराया उत्तराखंड का परचम
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99.98 परसेंटाइल के साथ कैट परीक्षा पास करने वाली गुंजन को आईआईएम अहमदाबाद से भी कॉल आई है। गुंजन का कहना है कि अब उनके पास दो विकल्प हैं।
या तो वह नौकरी ज्वाइन करें या फिर आईआईएम अहमदाबाद से प्रबंधन कोर्स करें। गुंजन के पिता संजय सेठ एनटीपीसी में जनरल मैनेजर हैं जबकि मां उपासना सेठ, दिल्ली विवि में प्रोफेसर हैं।
गुंजन ने बताया कि उन्होंने पहली बार में यह सफलता हासिल की है। उन्होंने कैट की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह दी है कि पहले एक टारगेट निर्धारित कर लें। इसके बाद उसके लिए जीतोड़ मेहनत करें। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड होने के नाते उनके लिए कैट की राह ज्यादा आसान थी।
बढ़िया परसेंटाइल के साथ किया बेहतर स्कोर
कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) में उत्तराखंड के युवाओं ने एक बार फिर प्रतिभा का झंडा बुलंद किया। कई युवाओं को रिजल्ट जारी होते ही आईआईएम अहमदाबाद से कॉल आई है।
इनमें दून के शुभम गोयल और आकांक्षा तिवारी भी शामिल हैं। दून और रुड़की के युवाओं ने एक बार फिर बढ़िया परसेंटाइल के साथ कैट रिजल्ट में दस्तक दी है।
इस बार खास बात यह है कि 50 से ज्यादा युवाओं ने 90 परसेंटाइल से ऊपर का स्कोर किया है। एक बार फिर आईआईटी रुड़की के होनहारों का कैट रिजल्ट में दबदबा रहा।
उत्तराखंड में टॉप टेन परसेंटाइल
उज्जवल (रुड़की) : 99.81
सत्या (रुड़की) : 99.67
अखिल अग्रवाल (रुड़की) : 99.66
अमनदीप बोपराई (रुड़की) : 99.61
महेंद्र प्रताप सिंह (देहरादून) : 99.49
अनीश गुप्ता (रुड़की) : 99.60
शिवम अग्रवाल (पंतनगर) : 99.58
सिद्धार्थ (रुड़की) : 99.54
शुभम गोयल (देहरादून) : 99.42
एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग से एग्री मैनेजमेंट तक
मूलरूप से पंतनगर निवासी आकांक्षा तिवारी ने 93.2 परसेंटाइल के साथ आईआईएम अहमदाबाद एग्री बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स में जगह बनाई है।
देहरादून के कॅरियर लांचर से कोचिंग करने वाली आकांक्षा ने बताया कि पंतनगर विवि से एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग करने के दौरान ही उन्हें आईआईएम के इस खास कोर्स का पता चला था।
गत वर्ष भी कैट दिया लेकिन अच्छी परसेंटाइल नहीं मिली थी। एक साल और तैयारी कर एग्जाम दिया तो कामयाबी हासिल हो गई। आकांक्षा के पिता ललित मोहन तिवारी यूपी सरकार से रिटायर्ड हैं जबकि मां सरोज तिवारी हाउसवाइफ हैं।
कैट की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए उन्होंने बताया कि पहले लक्ष्य तय कर लें कि आपको किस आईआईएम में जाना है। इसके बाद जीतोड़ मेहनत करें।
इनसे जानें, कैट में टॉप कैसे करें?
मंगलवार को जारी हुए कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) में किसी ने सफलता हासिल की तो किसी ने अगली बार बाजी मारने का प्रण किया। अमर उजाला से हुई कैट टॉपर्स की बातचीत में सफलता के कई राज सामने आए।
फैमिली बिजनेस को आगे बढ़ाने की तमन्ना
देहरादून के राजेंद्र नगर निवासी शुभम गोयल ने कैट में 99.42 परसेंटाइल के साथ आईआईएम अहमदाबाद में जगह बनाई है। सेंट जोजेफ्स एकेडमी में 12वीं में 97.7 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप कर चुके शुभम ने बिट्स पिलानी से केमिकल इंजीनियरिंग की है।
इन दिनों वे एक प्राइवेट कंपनी में जॉब कर रहे हैं। शुभम ने बताया कि गत वर्ष भी उन्हें दो जगहों से कॉल आई थी लेकिन उनका लक्ष्य आईआईएम अहमदाबाद ही था। शुभम अपने पिता रजनीश गोयल के बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
शुभम के मुताबिक कैट की तैयारी करने वाले युवाओं को हर टॉपिक और उसका कांसेप्ट अच्छी तरह क्लियर कर लेना चाहिए। जितने ज्यादा हो सके मॉक टेस्ट देने चाहिए।
क्षमताओं को पहचानकर करें तैयारी
यश गुप्ता ने आईआईटी रुड़की से बीटेक सिविल इंजीनियरिंग की है। इन दिनों वह एक कंपनी में जॉब कर रहे हैं। कैट में 99.85 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले यश ने कहा कि वे इंजीनियरिंग के बाद अब अगर अच्छा आईआईएम मिल जाता है तो एमबीए करना चाहते हैं।
उनके पिता चंद्र प्रकाश गुप्ता बिजनेसमैन हैं। वे एमबीए के बाद अपने पिता के बिजनेस को चार चांद लगाना चाहते हैं। यश का परिवार अहमदाबाद में रहता है।
यश ने कहा कि जो युवा कैट की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी कमजोरियों को दूर करें और एकजुट होकर तैयारी करें।