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खटाई में ना पड़ जाए गरीबों का इलाज
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 22 Mar 2016 02:10 AM IST
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एक अप्रैल से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रदेशवासियों को पौने दो लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की योजना फिर लटक गई है। टेंडर में सबसे कम कीमत देने वाली कंपनी से करीब एक माह बाद भी करार नहीं हो पाया है।
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मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत अभी तक लोगों को 50 हजार रुपये का बीमा कवर दिया जाता है। एक अप्रैल से संशोधित बीमा योजना लागू करने का दावा किया जा रहा है, जिसमें पौने दो लाख रुपये तक का बीमा कवर मिल सकेगा। लेकिन टेंडर के करीब एक माह बाद भी करार की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
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10 लाख 74 हजार परिवार ले रहे थे लाभ
अभी योजना के तहत 10 लाख 74 हजार परिवारों को लाभ मिल रहा है। जिसे बढ़ाकर 14 लाख किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। पौने दो करोड़ के बीमा कवर के लिए यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को टेंडर 1101 रुपये प्रीमियम पर मिला है। करीब दो माह पहले नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को यही टेंडर 440 रुपये प्रीमियम पर मिला था।
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हालांकि कंपनी के यूपी के 20 जिलों में सेवा में कमी के चलते सर्विस टर्मिनेट होने की जानकारी मिलने पर यह टेंडर निरस्त कर दिया गया था। उसी समय यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी ने 873 रुपये प्रीमियम का टेंडर दिया था।
टेंडर राशि बढ़ाई
अब उसी कंपनी ने टेंडर की राशि बढ़ाकर 1101 रुपये कर दी है, जो विभाग को ज्यादा लग रही है। इसलिए विभाग कंपनी से बातचीत कर प्रीमियम की राशि कम करने के लिए दबाव बना रहा है। जिससे करार की प्रक्रिया लगातार टलती जा रही है। इससे योजना के एक अप्रैल से दोबारा शुरू होने की संभावना कम होने लगी है।