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सरकार ने बढ़ाया हरक पर घेरा, पीएस समेत तीन करीबियों पर केस

Sun, 10 Jul 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 10 Jul 2016 01:20 AM IST
सार

  • हरक के निजी सचिव रहे वीरेंद्र कंडारी समेत तीन को बनाया आरोपी
  • एसआईटी के बाद शासन ने लैंडफ्रॉड समन्वय समिति को दी थी जांच 
  • समिति की जांच को आधार बना सहसपुर थाने में हुई एफआईआर

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case registered on harak singh personal secretary and two others.
हरक सिंह रावत - फोटो : file photo

विस्तार

शंकरपुर भूमि प्रकरण में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के निजी सचिव रहे वीरेंद्र सिंह कंडारी समेत तीन के खिलाफ सहसपुर थाने में जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। हरक सिंह को घेरने के लिए कांग्रेस फ्लोर टेस्ट में पास होने के बाद से घेराबंदी में जुटी है।

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सरकार ने 24 मई को शंकरपुर भूमि प्रकरण की जांच एसआईटी को सौंपी थी। तब अमर उजाला ने 26 मई के संस्करण में एसआईटी के रडार पर हरक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। एसआईटी की प्राथमिक जांच के बाद लैंडफ्रॉड समन्वय समिति ने मामले की जांच में जो तथ्य मिले, उसके आधार पर यह अभियोग पंजीकृत हुआ है।
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माना जा रहा है कि करीबियों के सहारे हरक पर निशाना साधने की तैयारी है, जिसके चलते मुकदमे में साजिश की धारा को शामिल किया है।

एसआईटी ने लौटाई पत्रावली, दूसरी संस्था से कराई गई जांच

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हरीश रावत के ख‌िलाफ बगावत करने वालों में हरक प्रमुख चेहरा थे। - फोटो : AmarUjala

कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर हरीश रावत सरकार के वापस लौटने के बाद से ही पलटवार की आशंकाएं जताई जा रही थीं। सीएम हरीश रावत ने 10 मई को फ्लोर टेस्ट में सफल रहने के बाद चेताया था कि संपत्तियों की जांच करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

रावत सरकार गिरने के बाद राष्ट्रपति शासन में 18 अप्रैल को जन संघर्ष मोर्चा ने आईजी संजय गुंज्याल से मिलकर शंकरपुर जमीन फर्जीवाडे़ का मुद्दा उठाया था। आरोप लगाया था कि राजस्व मंत्री रहते हुए हरक सिंह रावत ने 2002 में शंकरपुर की 107 बीघा भूमि को सुशीला नाम की महिला से पॉवर आफ अटार्नी के जरिए अपने नाम करा लिया था, लेकिन उस समय शिकायत को तरजीह नहीं दी गई।

रावत फिर सत्ता में आए तो एसआईटी को भूमि की जांच सौंप दी गई। हालांकि एसआईटी ना-नुकुर करती रही। प्राथमिक जांच के बाद एसआईटी ने पत्रावली शासन को लौटा दी। शासन ने इसके बाद लैंडफ्रॉड समन्वय समिति से इसकी जांच करवाई और रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज करवा दिया।

सीएम बदले की भावना से कर रहे कामः हरक

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हरक सिंह रावत - फोटो : ANI
सहसपुर थाने में शुक्रवार रात को हरक सिंह के निजी सचिव रहे वीरेंद्र सिंह कंडारी निवासी रुद्रप्रयाग, नरेंद्र कुमार निवासी ऋषिकेश और भीम सैन निवासी ऋषिकेश के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 और 120 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मुकदमा सहसपुर के रणबीर सिंह की तरफ से दर्ज करवाया गया है। आरोप यह है कि इस जमीन को लेकर 1949 से जालसाजी चल रही है।

लैंडफ्रॉड समन्वय समिति की जांच के बाद आई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
-डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी देहरादून  

एसआईटी जांच पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। सीएम हरीश रावत बदलने की भावना के तहत काम कर रहे हैं। जिस भूमि की जांच दोबारा शुरू हुई है, उसकी जांच पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी करवा चुके हैं। भूमि से संबंधित तमाम दस्तावेज हमारे पक्ष में हैं। पहले हो चुकी जांच में पुलिस ने एफआर लगाई थी। हाईकोर्ट तक से वाद हमारे पक्ष में रहा है। 
-हरक सिंह रावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री

Published By: Vivek Singh
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