जाली नोट जमा कराने वाले बैंक मैनेजर पर गाज, RBI ने दर्ज कराया केस
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रुड़की स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा बीटीगंज के प्रबंधक के खिलाफ पुलिस ने जाली नोट जमा कराने का मुकदमा दर्ज किया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया कानपुर के प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
गंगनहर कोतवाली पुलिस ने बताया कि पिछले दिनों पंजाब नेशनल बैंक बीटीगंज की ओर से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया कानपुर में नोट जमा कराए गए थे।
आरबीआई की ओर से प्राथमिक जांच के बाद पीएनबी मुख्य शाखा बीटीगंज रुड़की की ओर से जमा कराए गए नोटों में से एक-एक हजार के 36 नोट जाली पाए गए हैं।
पुलिस को भेजे गए जाली नोट
आरबीआई कानपुर के प्रबंधक सत्य कुमार ने इस मामले में पंजाब नेशनल बैंक बीटीगंज के प्रबंधक के खिलाफ जाली नोट जमा कराने की तहरीर दी।
इसके आधार पर गंगनहर कोतवाली पुलिस ने पीएनबी बीटीगंज के प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने धारा 489 ए से 489 तक की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
आरबीआई ने पुलिस को वह जाली नोट भी भेज दिए हैं, जिन्हें पीएनबी बीटीगंज की ओर जमा कराया गया है। कोतवाली गंगनहर के एसएसआई देवराज शर्मा ने बताया कि आरबीआई की ओर से भेजे गए एक-एक हजार रुपये के नोटों को जांच के लिए मध्यप्रदेश के देवास में स्थित बैंक नोट प्रेस के महाप्रबंधक को भेजा जाएगा। साथ ही मामले को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
पीएनबी मैनेजर बोले, ब्रांच से कोई लेना-देना नहीं
पीएनबी बीटीगंज बैंक के प्रबंधक खुर्शीद आलम का कहना है कि बैंकों में पैसा जमा होने के बाद करेंसी चेस्ट को जाता है, जहां पर जांच के बाद ही आरबीआई कानपुर को नगदी भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि दर्ज हुए मुकदमे का पीएनबी ब्रांच से कोई लेना देना नहीं है, बल्कि करेंसी चेस्ट का अलग से प्रबंधक होता है।